ग्रामीण इंटरनेट ढांचे को मिलेगी रफ्तार: भारतनेट के तहत छत्तीसगढ़ को ₹3,942 करोड़
छत्तीसगढ़ में ग्रामीण डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा वित्तीय समर्थन मिला है। भारत सरकार के संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य के लिए ₹3,942 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। यह निवेश गांवों तक उच्च गुणवत्ता वाली ब्रॉडबैंड सेवाएं पहुंचाने पर केंद्रित होगा।
11,682 ग्राम पंचायतों तक पहुंचेगा नेटवर्क
इस परियोजना के तहत राज्य की 11,682 ग्राम पंचायतों को रिंग टोपोलॉजी आधारित नेटवर्क संरचना से जोड़ा जाएगा।
रिंग टोपोलॉजी मॉडल का उद्देश्य नेटवर्क को अधिक स्थिर और भरोसेमंद बनाना है। इस प्रणाली में यदि किसी एक बिंदु पर तकनीकी बाधा आती है तो डेटा का प्रवाह वैकल्पिक मार्ग से जारी रह सकता है, जिससे सेवाओं में रुकावट कम होगी।
मुख्यमंत्री ने बताया विकास की आधारशिला
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस स्वीकृति को ग्रामीण डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
उन्होंने कहा कि डिजिटल कनेक्टिविटी अब केवल संचार का माध्यम नहीं, बल्कि विकास की आधारभूत आवश्यकता बन चुकी है। इसके माध्यम से ई-गवर्नेंस सेवाओं का दायरा बढ़ेगा, ग्रामीण विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिक्षा की बेहतर सुविधा मिलेगी और टेलीमेडिसिन के जरिए दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच सकेंगी।
आर्थिक अवसरों का विस्तार
परियोजना से ग्रामीण युवाओं और स्थानीय उद्यमियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ने का अवसर मिलेगा। इससे:
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ऑनलाइन कारोबार और स्टार्टअप गतिविधियां बढ़ेंगी
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डिजिटल भुगतान और बैंकिंग सेवाएं सुलभ होंगी
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सरकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ प्राप्त करना आसान होगा
राज्य सरकार का मानना है कि डिजिटल बुनियादी ढांचा मजबूत होने से गांवों को डिजिटल अर्थव्यवस्था से सीधे जोड़ा जा सकेगा।
मुख्यमंत्री साय ने इस स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्र के सहयोग से राज्य डिजिटल रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
क्या बदलेगा गांवों में?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि परियोजना समयबद्ध तरीके से पूरी होती है, तो ग्रामीण क्षेत्रों में:
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डिजिटल सेवाओं की गुणवत्ता सुधरेगी
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सरकारी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी
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शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच विस्तारित होगी
यह पहल राज्य के दीर्घकालिक डिजिटल परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


