CG News: विकास की रोशनी पहुंची अबूझमाड़, ईरपानार गांव में पहली बार जली बिजली
CG News: कभी नक्शे पर नाम भर रह गया ईरपानार आज उम्मीदों की नई पहचान बन गया है। अबूझमाड़ के घने जंगलों, ऊंचे पहाड़ों और दुर्गम रास्तों के बीच बसे इस छोटे से गांव में पहली बार बिजली पहुंची है। वर्षों तक अंधेरे में जीवन बिताने वाले ग्रामीणों के घरों में जब पहली बार बल्ब जले, तो यह सिर्फ रोशनी नहीं, बल्कि विकास की नई शुरुआत थी।
दुर्गम रास्तों के बीच बड़ी उपलब्धि
ईरपानार गांव नारायणपुर जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर है, लेकिन यहां तक पहुंचना आसान नहीं। कच्चे रास्ते, पहाड़ी चढ़ाई, घने जंगल और कई जगहों पर पैदल सफर इन सभी चुनौतियों के बावजूद बिजली पहुंचाने का कार्य पूरा किया गया।

मिशन मोड में पूरा हुआ काम
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड की टीम ने इस चुनौतीपूर्ण कार्य को प्राथमिकता से पूरा किया। विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने कठिन परिस्थितियों में लगातार काम कर इस मिशन को सफल बनाया।
जंगलों के बीच चला विकास अभियान
कलेक्टर नम्रता जैन के अनुसार, कई स्थानों पर बिजली खंभे और तार पहुंचाने के लिए मशीनों की बजाय मानव श्रम और स्थानीय सहयोग का सहारा लेना पड़ा। ऊबड़-खाबड़ रास्तों और सीमित संसाधनों के बीच काम कर टीम ने एक मिसाल पेश की।
56.11 लाख की लागत से बदली तस्वीर
ईरपानार गांव के विद्युतीकरण पर कुल 56.11 लाख रुपये खर्च किए गए। इस परियोजना के तहत गांव के परिवारों को पहली बार बिजली कनेक्शन मिला, जिससे उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है।
बच्चों के सपनों को मिला उजाला
अब गांव के बच्चे रात में पढ़ाई कर सकेंगे। मोबाइल चार्जिंग, पंखे, लाइट और अन्य सुविधाएं मिलने से ग्रामीण जीवन पहले से अधिक आसान और बेहतर हो गया है, भविष्य में डिजिटल शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और छोटे व्यवसायों के अवसर भी यहां विकसित होने की उम्मीद है।
खुशी से झूम उठा गांव
जब पहली बार गांव में बल्ब जले, तो बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर चेहरे पर खुशी साफ नजर आई। कई ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने पहली बार अपने घरों में स्थायी रोशनी देखी है, प्रशासन अब ईरपानार जैसे अन्य दूरस्थ गांवों को भी बिजली, सड़क, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।
