CG News: वन रक्षक ने दुर्लभ पक्षी की तस्वीर कैद की, छत्तीसगढ़ का पर्यावरण वन्यजीवों के लिए बना आदर्श स्थल
CG News: पेरेग्रीन फाल्कन, जिसे ‘आसमान का चीता’ भी कहा जाता है, दुनिया का सबसे तेज़ उड़ने वाला पक्षी है, शिकार के समय यह लगभग 320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गोता लगा सकता है, सामान्य उड़ान में इसकी गति लगभग 300 किमी प्रति घंटा होती है, यह छोटे पक्षियों, कबूतरों और तोतों का शिकार करने में माहिर है,
उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में यह दुर्लभ पक्षी फिर से देखा गया है, जिसे वन रक्षक ओमप्रकाश राव ने अपने कैमरे में कैद किया, इससे पहले भी इसे आमामोरा ओड़ क्षेत्र और शेष पगार जलप्रपात के पास ड्रोन कैमरों में देखा गया था, जो इसकी सक्रिय उपस्थिति की पुष्टि करता है.

विशेषताएँ और जीवनशैली
विशेषज्ञों के अनुसार पेरेग्रीन फाल्कन न केवल अपनी तेज़ उड़ान के लिए बल्कि अपनी वफादारी के लिए भी जाना जाता है, यह पक्षी आमतौर पर अकेला या जोड़े में रहता है और जीवनभर एक ही साथी चुनता है, इसका जीवनकाल लगभग 12-15 वर्ष होता है,
उदंती-सीतानदी में इसका दिखना इस बात का संकेत है कि, छत्तीसगढ़ का वातावरण वन्यजीवों के लिए अनुकूल है, हाल ही में बर्ड सर्वे में बारनवापारा अभ्यारण्य में दुर्लभ पक्षियों जैसे ऑरेंज ब्रेस्टेड ग्रीन पिजन और ब्लैक-कैप्ड किंगफिशर की भी उपस्थिति दर्ज की गई.
वन विभाग की सक्रियता और संरक्षण प्रयास
वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में वन एवं वन्यजीव संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पांडेय के नेतृत्व में वन विभाग की टीम लगातार निगरानी और संरक्षण में जुटी है, इस उपलब्धि से न केवल अभिलेखीय दृष्टि से महत्व बढ़ा है, बल्कि राज्य में वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों को नई ऊर्जा भी मिली है.




