CG News: छत्तीसगढ़ में नशे के पूरे नेटवर्क पर होगी कार्रवाई, तस्करों की संपत्ति भी होगी जब्त
CG News: छत्तीसगढ़ में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने कार्रवाई तेज करने की तैयारी की है. उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नशे के खिलाफ अभियान केवल छोटे विक्रेताओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए. गांजा और दूसरे नशीले पदार्थों के उत्पादन, परिवहन, आपूर्ति और बिक्री से जुड़े पूरे नेटवर्क की पहचान कर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए. उन्होंने बड़े तस्करों, आर्थिक मददगारों और संगठित गिरोहों पर भी शिकंजा कसने पर जोर दिया.

मंत्रालय में हुई राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में मादक पदार्थों की रोकथाम और नियंत्रण को लेकर आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए. बैठक में नशे की तस्करी के स्रोतों, परिवहन मार्गों और वितरण व्यवस्था की पहचान करने पर जोर दिया गया. सरकार की मंशा है कि नशे के कारोबार को संचालित करने वाले मुख्य आरोपियों तक पहुंचकर पूरे नेटवर्क को कमजोर किया जाए.
अवैध कमाई से बनाई गई संपत्ति पर होगी कार्रवाई
नशे के कारोबार से अर्जित संपत्ति पर कार्रवाई करने के लिए एनडीपीएस अधिनियम और लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं. इसके अंतर्गत आरोपियों की चल और अचल संपत्तियों की जांच कर नियमानुसार जब्ती या कुर्की की कार्रवाई की जा सकती है. आर्थिक लेन-देन की पड़ताल के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट, वित्तीय विशेषज्ञों और विधिक विशेषज्ञों की विशेष समिति गठित करने की बात भी कही गई है, ताकि तस्करी के पीछे मौजूद आर्थिक तंत्र का पता लगाया जा सके.

जब्त नशीले पदार्थों का नष्टीकरण और वाहनों की नीलामी
बैठक में जब्त मादक पदार्थों और तस्करी में इस्तेमाल किए गए वाहनों के निपटारे को लेकर भी निर्देश दिए गए. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 30 जून 2026 तक जब्त किए गए छह महीने से अधिक पुराने मादक पदार्थों को 31 दिसंबर 2026 तक नष्ट करने के लिए अभियान चलाया जाएगा. वहीं, तस्करी में इस्तेमाल वाहनों को राजसात करने और नीलामी की प्रक्रिया तीन महीने के भीतर पूरी करने पर जोर दिया गया है. इन कदमों का उद्देश्य जब्त सामग्री और वाहनों से जुड़े मामलों का समयबद्ध निपटारा करना है.
मेडिकल स्टोरों और प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री पर नजर
नशे के खिलाफ अभियान में मेडिकल स्टोरों की निगरानी भी बढ़ाई जाएगी. ड्रग इंस्पेक्टरों के सहयोग से दुकानों का नियमित निरीक्षण और औचक जांच करने के निर्देश दिए गए हैं. प्रतिबंधित नशीले कैप्सूल, सिरप, सिरिंज और नीडल की अवैध बिक्री पर कार्रवाई की जाएगी. स्कूलों, कॉलेजों और युवाओं की आवाजाही वाले इलाकों में भी विशेष निगरानी रखने पर जोर दिया गया है, ताकि नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री पर रोक लगाई जा सके.
मजबूत जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई
उप मुख्यमंत्री ने नशे से जुड़े मामलों में जांच की गुणवत्ता सुधारने और अदालत में पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत करने पर जोर दिया. एनडीपीएस मामलों के त्वरित निराकरण के लिए विशेष न्यायालयों की व्यवस्था और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत भी बताई गई. तस्करी के दौरान पुलिस बल पर हमला करने वाले आरोपियों के खिलाफ भी कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं.
हेल्पलाइन 1933 के जरिए लोग दे सकेंगे सूचना
नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय मादक पदार्थ निषेध हेल्पलाइन 1933 का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा. इसके साथ ही स्कूलों, कॉलेजों और सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया गया है. सरकार का उद्देश्य नशे के दुष्प्रभावों के प्रति युवाओं को जागरूक करना और नागरिकों को अवैध कारोबार की जानकारी संबंधित एजेंसियों तक पहुंचाने के लिए प्रोत्साहित करना है.

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