मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना: छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से बदली गांवों की तस्वीर, कांकेर से सरगुजा-जशपुर तक आवागमन हुआ आसान
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना: छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए आवागमन का बड़ा सहारा बन रही है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शुरू की गई इस योजना के तहत उन गांवों तक नियमित बस सेवा पहुंचाई जा रही है, जहां पहले लोगों को मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था. कांकेर, जशपुर और सरगुजा सहित कई जिलों में बस सेवाओं के विस्तार से विद्यार्थियों, महिलाओं, बुजुर्गों, श्रमिकों और नौकरीपेशा लोगों को राहत मिल रही है. अब ग्रामीणों के लिए स्कूल, अस्पताल, बाजार और सरकारी कार्यालयों तक पहुंचना पहले की तुलना में आसान हो रहा है.
दूरस्थ गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने की पहल
छत्तीसगढ़ शासन के परिवहन विभाग की इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सुलभ, सुरक्षित और नियमित सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है. इसके तहत ऐसे गांवों को मुख्य सड़कों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वास्थ्य केंद्रों और प्रशासनिक मुख्यालयों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है, जहां अब तक बस सुविधा सीमित थी. योजना में नए ग्रामीण बस मार्गों की अधिकतम लंबाई सामान्यतः 250 किलोमीटर निर्धारित की गई है. यात्रियों की सुरक्षा के लिए वाहनों में वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) और पैनिक बटन जैसी व्यवस्थाएं अनिवार्य की गई हैं. वहीं, दुर्गम क्षेत्रों में बस संचालन को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय सहायता और वाहन कर में छूट का प्रावधान भी किया गया है.
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अमित शाह ने जगदलपुर से किया था योजना का शुभारंभ
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का शुभारंभ 4 अक्टूबर 2025 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जगदलपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में किया था. इस दौरान यात्री बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया. कार्यक्रम में अमित शाह ने कहा था कि डबल इंजन की सरकार छत्तीसगढ़ के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और दूरस्थ क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने योजना के शुरुआती चरण में 250 गांवों के लोगों को शासकीय कार्यालयों, स्कूलों और अस्पतालों तक पहुंचने में सुविधा मिलने की बात कही थी. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी कहा था कि योजना का उद्देश्य बस सुविधा से वंचित गांवों तक नियमित परिवहन पहुंचाना है, ताकि ग्रामीण कम खर्च में सुरक्षित और समय पर अपने गंतव्य तक पहुंच सकें.

कांकेर में 40 से अधिक गांवों को मिल रही बस सुविधा
कांकेर जिले में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत भानुप्रतापपुर-कोरर और भानुप्रतापपुर-अंतागढ़ मार्ग पर बस सेवाएं शुरू की गई हैं. परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था. इन दोनों मार्गों पर बस संचालन से वनांचल के 40 से अधिक गांवों के लोगों को नियमित सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिलने की जानकारी दी गई है. इससे ग्रामीणों को हाट-बाजार, स्कूल, अस्पताल और सरकारी कार्यालयों तक पहुंचने में सहूलियत हो रही है. परिवहन मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दूरस्थ क्षेत्रों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के लिए काम कर रही है. वहीं, कांकेर विधायक आशाराम नेताम ने भी ग्रामीणों तक शासन की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ पहुंचाने में बस सेवा के विस्तार को महत्वपूर्ण बताया.
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जशपुर के पहाड़ी गांवों में आवागमन हुआ आसान
जशपुर जिले के पहाड़ी और दूरस्थ इलाकों में नियमित बस सेवा शुरू होने से ग्रामीणों को बड़ी सुविधा मिली है. पहले लोगों को कई बार पैदल चलकर या निजी वाहनों के सहारे यात्रा करनी पड़ती थी. अब बस सेवा उपलब्ध होने से स्कूल, बाजार, स्वास्थ्य केंद्र और विकासखंड मुख्यालय तक पहुंचना आसान हुआ है. बगीचा विकासखंड के सन्ना निवासी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुनीता निकुंज, मरंगी निवासी दशरथ भगत और यात्री मंगलराम ने भी बस सुविधा से होने वाले लाभ बताए. उनके अनुसार, नियमित परिवहन मिलने से कार्यस्थल और बाजार तक पहुंचने में होने वाली परेशानियां कम हुई हैं. जिले में लगभग 16 बसों का संचालन ग्रामीण कनेक्टिविटी मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहा है.
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सरगुजा में ग्रामीणों को काम पर पहुंचने में मिल रही राहत
सरगुजा जिले के ग्राम सिधमा निवासी ज्ञानेश्वर बर्तन साफ करने और पॉलिश करने का काम करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं. पहले नियमित परिवहन की कमी के कारण उन्हें काम पर जाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी और कई बार दूसरे साधनों पर निर्भर रहना पड़ता था. मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत बस सेवा शुरू होने के बाद उनकी यात्रा आसान हुई है. अब वे समय पर कार्यस्थल पहुंच पा रहे हैं, जिससे समय और मेहनत दोनों की बचत हो रही है. ज्ञानेश्वर के मुताबिक, पहले गांव से बाहर जाने के लिए वाहन मिलना बड़ी समस्या थी, लेकिन नियमित बस सेवा से उन्हें और दूसरे ग्रामीणों को राहत मिली है.
ससौली और छिरोपारा के लोगों को भी मिली सुविधा
सरगुजा जिले के लुण्ड्रा विकासखंड के ससौली और छिरोपारा गांवों में भी बस सेवा शुरू होने से आवागमन की स्थिति बेहतर हुई है. पहले ग्रामीणों को मुख्य मार्ग तक पहुंचने के लिए 8 से 10 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था. इससे न केवल समय अधिक लगता था, बल्कि जरूरी कामों में भी देरी होती थी. अब अंबिकापुर से कोरांधा-उरदरा मार्ग पर बस सेवा शुरू होने के बाद जिला मुख्यालय तक पहुंचना आसान हुआ है. ससौली-छिरोपारा निवासी गिरवर यादव ने बताया कि नियमित बस सुविधा से ग्रामीण समय पर अपने काम निपटाकर घर लौट पा रहे हैं. इसका लाभ विशेष रूप से महिलाओं, बुजुर्गों और विद्यार्थियों को मिल रहा है.
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बादा से अंबिकापुर तक बेहतर हुई ग्रामीण कनेक्टिविटी
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत सरगुजा जिले में बादा से बरियों, चारपारा, ककना, सिधमा, अखोराखुर्द, रूखपुर, चिखलाडीह, नर्मदापारा और सरगवां होते हुए अंबिकापुर तक बस सेवा शुरू की गई है. इससे इन क्षेत्रों के लोगों के लिए जिला मुख्यालय, अस्पतालों, स्कूलों और कॉलेजों तक पहुंचना आसान हुआ है. पहले कई ग्रामीणों को बस पकड़ने के लिए लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ती थी या निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ता था. स्वास्थ्यकर्मियों परमानिया पैकरा और चंदा टोप्पो के अनुसार, बस सेवा से कार्यस्थल पर समय से पहुंचने और सुरक्षित घर लौटने में मदद मिल रही है. वहीं, छात्राओं लक्ष्मी और निशा तथा सिधमा निवासी दिव्यांशु सिंह ने बताया कि नियमित बस सेवा से पढ़ाई और रोजाना के आवागमन में सुविधा हुई है.
दुर्गम मार्गों पर बस चलाने के लिए वित्तीय सहायता
योजना के तहत दूरस्थ ग्रामीण मार्गों पर बस संचालन को प्रोत्साहित करने के लिए वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है. दी गई जानकारी के अनुसार, निर्धारित निविदा प्रक्रिया में न्यूनतम बोली के आधार पर पहले वर्ष अधिकतम 26 रुपये प्रति किलोमीटर, दूसरे वर्ष 24 रुपये और तीसरे वर्ष 22 रुपये प्रति किलोमीटर तक वित्तीय अनुदान दिया जाता है. इसके अलावा पात्र वाहनों को अनुज्ञापत्र मिलने की तारीख से तीन साल तक मासिक वाहन कर में छूट देने का प्रावधान है. क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार द्वारा पांच साल का अनुज्ञापत्र प्रदान किया जाता है. परमिट आवंटन में स्थानीय निवासियों के साथ अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, महिलाओं और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के आवेदकों को विशेष प्राथमिकता दी जाती है. इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य दुर्गम इलाकों में बस सेवाओं का विस्तार करना और संचालकों को ग्रामीण मार्गों पर परिवहन उपलब्ध कराने के लिए प्रोत्साहित करना है.
शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार तक पहुंच हो रही आसान
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का लाभ केवल यात्रा की सुविधा तक सीमित नहीं है. नियमित बस सेवा से विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज पहुंचने, श्रमिकों को कार्यस्थल तक जाने और ग्रामीण परिवारों को अस्पतालों तथा बाजारों तक आने-जाने में मदद मिल रही है. खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के लिए सार्वजनिक परिवहन की उपलब्धता महत्वपूर्ण है. बेहतर कनेक्टिविटी से ग्रामीणों का समय और श्रम बच रहा है, वहीं स्थानीय आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों तक पहुंच भी आसान हो रही है.
ग्रामीण विकास को गति देने की दिशा में अहम पहल
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना छत्तीसगढ़ के दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. कांकेर के नए बस मार्गों से लेकर जशपुर और सरगुजा के गांवों तक नियमित परिवहन की सुविधा मिलने से ग्रामीणों की रोजमर्रा की परेशानियां कम हो रही हैं. बस सेवाओं के विस्तार से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और प्रशासनिक सुविधाओं तक पहुंच आसान बन रही है. योजना के तहत ग्रामीण मार्गों पर सार्वजनिक परिवहन का विस्तार जारी रहने से आने वाले समय में दूरस्थ क्षेत्रों की कनेक्टिविटी और मजबूत होने की उम्मीद है.

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