CG News: अमित शाह ने नक्सल पीड़ितों के पुनर्वास पर दिया जोर, बस्तर के 200 से अधिक सुरक्षा शिविर बनेंगे सेवा डेरा
CG News: छत्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सलवाद के बाद अब पुनर्वास और विकास कार्यों को गति देने की तैयारी है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दंतेवाड़ा में आयोजित दिव्यांगजन सहायता शिविर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए कहा कि हिंसा से प्रभावित लोगों को सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर देना सरकार की जिम्मेदारी है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी नक्सलमुक्त बस्तर को विकास और समृद्धि की दिशा में आगे ले जाने की प्रतिबद्धता जताई.
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दंतेवाड़ा में 768 दिव्यांगों को मिलेगी सहायता
15 से 17 अक्टूबर तक चल रहे तीन दिवसीय शिविर में दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा के कुल 768 दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण दिए जाने हैं. इनमें दंतेवाड़ा के 509, बीजापुर के 197 और सुकमा के 62 लाभार्थी शामिल हैं. शिविर में व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, बैसाखी, श्रवण यंत्र और कृत्रिम अंग जैसे उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं. इससे नक्सली हिंसा के कारण दिव्यांग हुए लोगों को दैनिक जीवन में सहूलियत और आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी.

नक्सल प्रभावित परिवारों के पुनर्वास पर जोर
अमित शाह ने कहा कि नक्सलवाद के कारण बस्तर के गरीब और आदिवासी परिवारों ने दशकों तक कठिन परिस्थितियों का सामना किया है. अब प्रभावित लोगों को सहायता देने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की जरूरत है. उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले 8,526 नक्सलियों के पुनर्वास के लिए विभिन्न कदम उठाए गए हैं. इनमें 7,328 लोगों के बैंक खाते खोलना, 455 लोगों को नौकरी देना, 4,014 आवास उपलब्ध कराना और 2,308 लोगों को कौशल प्रशिक्षण देना शामिल है.

200 से अधिक सुरक्षा शिविर बनेंगे सेवा केंद्र
बस्तर में विकास कार्यों को नई दिशा देने के लिए 200 से अधिक सुरक्षा शिविरों को ‘शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा’ के रूप में विकसित करने की योजना है. इन केंद्रों के माध्यम से सरकारी सेवाओं, प्रशिक्षण और रोजगार से जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ाया जाएगा. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि नेतानार गांव में पहला सेवा डेरा शुरू हो चुका है, जहां सिलाई-कढ़ाई के प्रशिक्षण के साथ इमली की पैकेजिंग और पारंपरिक तरीके से चावल तैयार करने जैसी आजीविका गतिविधियां संचालित की जा रही हैं.
सड़क, स्कूल और सिंचाई सुविधाओं का विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘नियद नेल्लानार’ योजना के माध्यम से दूरस्थ गांवों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं. उनके अनुसार, 500 से अधिक गांवों में सड़क और बिजली की सुविधाएं पहुंची हैं तथा 431 स्कूल खोले गए हैं. इसके अलावा इंद्रावती नदी पर देउरगांव और मटनार सिंचाई परियोजनाओं के लिए लगभग 2,000 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं. इन परियोजनाओं से करीब 80 हजार एकड़ कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलने की उम्मीद है.
सरकार का लक्ष्य बस्तर को विकास की नई पहचान देना
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद से मुक्ति के बाद बस्तर में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि और स्थानीय आजीविका के अवसर बढ़ाना प्राथमिकता है. पशुपालन और डेयरी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के साथ युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने पर भी काम किया जा रहा है. वहीं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि नक्सली हिंसा से प्रभावित लोगों तक पुनर्वास और सहायता पहुंचाने का अभियान जारी रहेगा. सरकार का लक्ष्य है कि बस्तर के दूरस्थ इलाकों के परिवार भी विकास योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें.


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