CG News: छत्तीसगढ़ के सरकारी कॉलेजों के री-एडजस्टमेंट की तैयारी, पांच साल का रिकॉर्ड खंगाल रहा उच्च शिक्षा विभाग
CG News: छत्तीसगढ़ में कम छात्र संख्या वाले शासकीय कॉलेजों को लेकर उच्च शिक्षा विभाग ने जानकारी जुटानी शुरू कर दी है. सरकार कॉलेजों में युक्तियुक्तकरण यानी री-एडजस्टमेंट की प्रक्रिया पर विचार कर रही है. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, प्रदेश के करीब 7 सरकारी कॉलेजों में पिछले प्रवेश सत्र के दौरान एक भी विद्यार्थी ने दाखिला नहीं लिया था. वहीं, कई महाविद्यालयों में छात्रों की संख्या 100 से भी कम रही. इसके अलावा 38 कॉलेज ऐसे बताए जा रहे हैं, जहां स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों को मिलाकर कुल विद्यार्थियों की संख्या 200 से नीचे है.

कॉलेजों की स्थिति की समीक्षा कर रही सरकार
उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा के मुताबिक, फिलहाल कॉलेजों में स्वीकृत सीटों, विद्यार्थियों के प्रवेश और बजट सहित कई पहलुओं से जुड़ी जानकारी एकत्र की जा रही है. उच्च शिक्षा संचालनालय ने क्षेत्रीय कार्यालयों के अपर संचालकों को पत्र भेजकर संबंधित महाविद्यालयों का विवरण मांगा है. इन आंकड़ों के आधार पर आगे की स्थिति का आकलन किया जाएगा.
विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर बनाई गई चार श्रेणियां
विभाग ने कॉलेजों को उनकी कुल दर्ज छात्र संख्या के अनुसार चार समूहों में बांटा है. इनमें शून्य विद्यार्थी वाले कॉलेज, 1 से 100 छात्र संख्या वाले, 101 से 200 विद्यार्थी वाले और 201 से 300 विद्यार्थियों वाले महाविद्यालय शामिल हैं. इस वर्गीकरण के जरिए कम प्रवेश वाले कॉलेजों की स्थिति को समझने की कोशिश की जा रही है.
पांच शैक्षणिक वर्षों का रिकॉर्ड मांगा गया
उच्च शिक्षा संचालनालय ने वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक का विस्तृत ब्योरा उपलब्ध कराने को कहा है. कॉलेजों को पिछले पांच वर्षों के दाखिलों, पाठ्यक्रमवार स्वीकृत सीटों, शिक्षकों के स्वीकृत पदों, खाली पदों और सरकारी बजट से संबंधित जानकारी देनी होगी. BA, B.Com और B.Sc. समेत अलग-अलग पाठ्यक्रमों में हर साल कितनी सीटें स्वीकृत थीं और उनमें कितने विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया, इसका विवरण भी मांगा गया है, इसके साथ ही विभाग यह भी जानना चाहता है कि बीते पांच साल में कॉलेजों में विद्यार्थियों की संख्या किस तरह बदली है. इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि किन संस्थानों में प्रवेश लगातार कम हो रहा है और कहां छात्र संख्या बेहतर बनी हुई है.
आसपास के कॉलेजों और स्कूलों का भी जुटाया जा रहा ब्योरा
समीक्षा केवल दाखिलों और बजट तक सीमित नहीं है. संबंधित कॉलेजों के आसपास मौजूद दूसरे महाविद्यालयों की दूरी और आसपास के स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या की जानकारी भी एकत्र की जा रही है. इससे क्षेत्र में उच्च शिक्षा की उपलब्धता और संभावित विद्यार्थियों की स्थिति का आकलन किया जा सकेगा, फिलहाल विभाग जानकारी जुटाने और कॉलेजों की स्थिति का विश्लेषण करने में लगा है. युक्तियुक्तकरण को लेकर अंतिम निर्णय क्या होगा, यह आगे की समीक्षा के बाद स्पष्ट होगा.

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