CG News: छत्तीसगढ़ में टेक्नोलॉजी का नया दौर, NHAI पहली बार AI से करेगा नेशनल हाईवे की निगरानी
CG News: छत्तीसगढ़ में सड़क सुरक्षा और रखरखाव को बेहतर बनाने के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) तकनीक का सहारा ले रही है. राज्य में पहली बार राष्ट्रीय राजमार्गों की निगरानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से की जाएगी. इसके तहत NHAI ने आरंग-सरायपाली (NH-53) और बिलासपुर-अंबिकापुर (NH-130) मार्ग का प्राथमिक सर्वे सफलता के साथ पूरा कर लिया है.

हाई-रिजॉल्यूशन कैमरों से पूरा हुआ शुरुआती सर्वे
सर्वे प्रक्रिया के दौरान NHAI ने अपने रूट पेट्रोल वाहनों में अत्याधुनिक हाई-रिजॉल्यूशन डैशकैम लगाए थे. इन वाहनों द्वारा चलते हुए पूरे रूट का हाई-क्वालिटी वीडियो और फोटो डेटा रिकॉर्ड किया गया है. अब इस पूरे डेटा का विश्लेषण एआई (AI) और मशीन लर्निंग मॉडल के माध्यम से किया जा रहा है. अधिकारियों के अनुसार अगले 10 दिनों के भीतर इसकी विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट तैयार हो जाएगी.
खामियों की होगी सटीक पहचान
यह एडवांस एआई टेक्नोलॉजी हाईवे पर मौजूद समस्याओं को खुद-ब-खुद पहचानेगी. इसमें सड़क के गड्ढे, घिसी हुई सतह, दरारें, अवैध कट, साइन बोर्ड की कमी और जलभराव जैसी 30 से ज्यादा तरह की छोटी-बड़ी कमियों को चिन्हित किया जाएगा. इससे अधिकारियों को बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के सड़क की वास्तविक स्थिति का सटीक पता चल सकेगा.
पुराने और नए सर्वे की तुलना कर तय होगी मरम्मत
इस सिस्टम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि अधिकारी पुराने और नए सर्वे रिकॉर्ड की तुलना कर सकेंगे. इससे यह स्पष्ट हो जाएगा कि किस हिस्से में सड़क की स्थिति कब खराब हुई और कहां तुरंत सुधार की आवश्यकता है. सर्वे का पूरा डेटा केंद्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रखा जाएगा, जिससे पारदर्शी तरीके से मरम्मत कार्यों की समीक्षा की जा सकेगी.
600 किमी लंबे नेटवर्क की निगरानी
वर्तमान में प्रदेश में NHAI के अधीन लगभग 600 किलोमीटर लंबी राष्ट्रीय राजमार्ग की सड़कें आती हैं. इस पूरे नेटवर्क की निगरानी और प्रबंधन की जिम्मेदारी करीब 120 अधिकारियों व कर्मचारियों पर है, जिनमें 25 नियमित और शेष संविदा कर्मचारी शामिल हैं. इस एआई तकनीक के पूर्ण रूप से लागू होने के बाद प्रदेश में हाईवे के रखरखाव और यात्रा को सुरक्षित बनाने में बड़ी मदद मिलेगी.

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