CG News: प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से बिजली बिल में राहत, सरगुजा में बढ़ा रूफटॉप सोलर का क्रेज
CG News: देश में स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना तेजी से महत्वपूर्ण पहल बन रही है. योजना के तहत घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाए जा रहे हैं, जिससे परिवार अपनी बिजली जरूरतों को पूरा कर सकें. जरूरत से ज्यादा बिजली बनने पर उसे ग्रिड में भेजने की सुविधा भी है. इससे आम बिजली उपभोक्ता ऊर्जा उत्पादन की प्रक्रिया में भी भागीदार बन रहा है.

सोलर पैनल लगाने पर मिलती है वित्तीय सहायता
योजना के तहत पात्र परिवार अपने घर की छत पर सोलर संयंत्र स्थापित करा सकते हैं. केंद्र और राज्य सरकार की ओर से निर्धारित प्रावधानों के अनुसार वित्तीय सहायता मिलने से संयंत्र लगाने की शुरुआती लागत का बोझ कम होता है. लंबे समय में सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से घरेलू बिजली खर्च में राहत मिल सकती है. साथ ही घर की छत का उपयोग बिजली उत्पादन के लिए होने से पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलती है.

सरगुजा में लक्ष्य से ज्यादा आवेदन, 1733 घरों में संयंत्र
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना को सरगुजा जिले में भी अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है. वर्ष 2025-26 के लिए जिले में 2,000 रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने का लक्ष्य रखा गया था, जिसके मुकाबले 3,282 आवेदन प्राप्त हुए. इनमें 3,222 आवेदनों में वेंडर का चयन किया जा चुका था और 1,733 घरों में सोलर संयंत्र स्थापित किए गए. अम्बिकापुर शहर में 1,000 के लक्ष्य के विरुद्ध 2,158 आवेदन मिले और 1,360 घरों में संयंत्र लग चुके हैं. वहीं अम्बिकापुर ग्रामीण क्षेत्र में 1,124 आवेदन मिले और 373 घरों में सोलर संयंत्र स्थापित किए गए.
विनोद राय और नीधि वर्मा को मिली बिजली खर्च में राहत
अम्बिकापुर के दर्रीपारा निवासी विनोद कुमार राय के घर में पहले बिजली बिल कई बार 4 से 5 हजार रुपये प्रतिमाह तक पहुंच जाता था. योजना के तहत करीब 2 लाख रुपये की लागत वाला रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने पर उन्हें केंद्र से 78 हजार और राज्य सरकार से 30 हजार रुपये की सब्सिडी मिली, यानी कुल 1.08 लाख रुपये की सहायता. वहीं मायापुर निवासी नीधि वर्मा के घर में भी सोलर संयंत्र लगाने के बाद बिजली खर्च में कमी आई. उन्हें भी करीब 1.08 लाख रुपये की सब्सिडी मिली. दोनों लाभार्थियों के अनुसार, अतिरिक्त बिजली उत्पादन होने पर बिजली ग्रिड में वापस जाती है.
हर छत बन रही ऊर्जा का स्रोत
रूफटॉप सोलर के साथ स्मार्ट मीटर और ‘मोर बिजली’ ऐप के जरिए बिजली खपत और उत्पादन की जानकारी पर नजर रखना आसान हुआ है. उपभोक्ता रोजाना बिजली इस्तेमाल की जानकारी देखकर अनावश्यक खपत कम करने के लिए भी जागरूक हो रहे हैं. योजना का उद्देश्य केवल बिजली बिल में राहत देना नहीं, बल्कि घरों को छोटी ऊर्जा उत्पादन इकाई में बदलना भी है. सरगुजा में बढ़ते आवेदन और सोलर संयंत्रों की संख्या से शहरी और ग्रामीण परिवारों की सौर ऊर्जा में बढ़ती रुचि सामने आ रही है.

One Response