CG News: इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर 2026 का शुभारंभ, CM साय बोले- निवेशकों के लिए आसान होगी हर प्रक्रिया
CG News: रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में लघु उद्योग भारती के तीन दिवसीय इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026 की शुरुआत हुई. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए देश के अलग-अलग राज्यों से पहुंचे उद्यमियों, निवेशकों और औद्योगिक प्रतिनिधियों का स्वागत किया. उन्होंने निवेशकों से छत्तीसगढ़ की औद्योगिक संभावनाओं का लाभ उठाने और प्रदेश की विकास यात्रा में सहभागी बनने का आग्रह किया.

नई औद्योगिक नीति से निवेश को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ पारंपरिक उद्योगों के साथ नई अर्थव्यवस्था से जुड़े क्षेत्रों में भी आगे बढ़ रहा है. सरकार ने उद्योग जगत और निवेशकों से चर्चा के बाद औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू की है. इसमें निवेश को प्रोत्साहन, प्रक्रियाओं का सरलीकरण, नए सेक्टरों को बढ़ावा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार सृजन पर जोर दिया गया है. सेमीकंडक्टर, आईटी, फार्मा, टेक्सटाइल और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में निवेश को बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है.

सिंगल विंडो सिस्टम से आसान होंगी प्रक्रियाएं
CM साय ने कहा कि उद्योगों की स्थापना के लिए निवेशकों को सरल और पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है. सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए उद्योग स्थापना से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान बनाने का प्रयास किया गया है, ताकि उद्यमियों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें. उन्होंने कहा कि सरकार भूमि, अधोसंरचना और दूसरी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी ध्यान दे रही है, जिससे उद्यमी उत्पादन, नवाचार और रोजगार सृजन पर फोकस कर सकें.
औद्योगिक विकास से जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के खनिज, ऊर्जा और वन संसाधनों को राज्य की बड़ी ताकत बताया. उन्होंने कहा कि कोयला, लौह अयस्क और बॉक्साइट जैसे खनिजों का प्रदेश के भीतर अधिक मूल्य संवर्धन किया जाना जरूरी है. वहीं वन संपदा और लघु वनोपज के वैज्ञानिक प्रसंस्करण से वन क्षेत्रों में उद्योग और रोजगार की नई संभावनाएं विकसित की जा सकती हैं. उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र को भी औद्योगिक क्षमता का मजबूत आधार बताते हुए कहा कि प्रदेश में लगभग 30 हजार मेगावाट विद्युत उत्पादन की क्षमता है.
स्थानीय युवाओं और पर्यटन को भी मिलेगा फायदा
CM साय ने कहा कि औद्योगिक विकास का उद्देश्य स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना भी है. नई औद्योगिक नीति में स्थानीय रोजगार को महत्व दिया गया है और अधिक रोजगार देने वाले उद्योगों के लिए प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है. उन्होंने बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता और जनजातीय संस्कृति का उल्लेख करते हुए पर्यटन क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर भी जोर दिया. कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अरुण साव और उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने भी औद्योगिक विकास और निवेश के विस्तार की संभावनाओं पर बात रखी.


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