CG News: छत्तीसगढ़ का जल संरक्षण मॉडल देश में बना मिसाल, CM साय ने दिए 4 सुझाव
CG News: नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय ‘जल मंथन’ कार्यशाला में बीजेपी शासित राज्यों के जल संसाधन मंत्रियों और संबंधित विभागों के प्रमुखों ने हिस्सा लिया. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी कार्यशाला में शामिल हुए. इस दौरान छत्तीसगढ़ के जल संरक्षण मॉडल और प्रदेश में किए गए सफल प्रयोगों को प्रमुखता से सामने रखा गया.

CM साय ने NDA राज्यों को दिए सुझाव
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जल संरक्षण को लेकर NDA राज्यों के लिए कई सुझाव रखे. उन्होंने हर राज्य के लिए अलग ‘कैच द रेन’ प्लान तैयार करने और बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों को प्रोत्साहित करने के लिए स्टेट वाटर अवॉर्ड शुरू करने की बात कही. इसके साथ ही BISAG-N के जरिए जल संरचनाओं की मैपिंग और मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हर तीन महीने में जल संरक्षण कार्यों की समीक्षा का सुझाव दिया.
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जल संचय अभियान में छत्तीसगढ़ नंबर-1
‘जल संचय जन भागीदारी’ अभियान के तीसरे चरण में छत्तीसगढ़ ने देश में पहला स्थान हासिल किया है. प्रदेश के सूरजपुर, महासमुंद, बालोद, बलौदाबाजार-भाटापारा और कबीरधाम जिले जल संरक्षण के क्षेत्र में देश के टॉप-10 जिलों में शामिल हुए हैं. वहीं, कोरिया जिले का 5 फीसदी मॉडल भी जल संरक्षण के क्षेत्र में उदाहरण के तौर पर सामने आया है.
सरकार की पहल को जनता का साथ
मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की उपलब्धि को जनभागीदारी की ताकत बताया. उन्होंने कहा कि सरकार ने जल संरक्षण के लिए दिशा तय की, लेकिन जनता ने इसे जनआंदोलन में बदलने का काम किया. प्रदेश में जल की हर बूंद को सहेजने के लिए अलग-अलग स्तर पर किए जा रहे प्रयासों को इस सफलता का अहम आधार माना जा रहा है.
28 लाख से ज्यादा जल संरचनाओं का दावा
मुख्यमंत्री के अनुसार, छत्तीसगढ़ में 28 लाख से अधिक जल संरचनाओं का निर्माण किया गया है. उन्होंने अपशिष्ट जल के उपचार और उसके पुन: उपयोग के साथ ‘अमृत सरोवर’ जैसी योजनाओं को भी जनभागीदारी के जरिए आगे बढ़ाने पर जोर दिया. सरकार का फोकस जल स्रोतों के संरक्षण के साथ भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और टिकाऊ जल व्यवस्था तैयार करने पर है.
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