CG News: गोंदवारा-भनपुरी को बड़ी राहत, नए बिजली उपकेंद्र से सुधरेगी सप्लाई
CG News: रायपुर के गोंदवारा, भनपुरी और आसपास के इलाकों में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में नया कदम उठाया गया है. उमिया मार्केट में 33/11 केवी का नया बिजली उपकेंद्र शुरू किया गया है. पांच एमवीए क्षमता वाले इस उपकेंद्र से तीन नए 11 केवी फीडर तैयार किए गए हैं. इससे घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को अधिक भरोसेमंद बिजली आपूर्ति मिलने की उम्मीद है.

लंबे फीडरों की समस्या होगी कम
अब तक गोंदवारा क्षेत्र की बिजली व्यवस्था गाजी नगर उपकेंद्र से जुड़ी थी. दूरी अधिक होने और कुछ फीडरों पर 100 एम्पियर से ज्यादा भार होने के कारण तकनीकी खराबी के समय सप्लाई सामान्य करने में परेशानी आती थी. नए उपकेंद्र के शुरू होने से फीडरों की लंबाई कम होगी और बिजली का भार अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतर तरीके से बांटा जा सकेगा. इससे किसी एक हिस्से में खराबी आने पर बड़े क्षेत्र की बिजली प्रभावित होने की संभावना भी कम होगी.
औद्योगिक इलाकों को भी मिलेगा फायदा
उमिया मार्केट उपकेंद्र से न्यू गोंदवारा औद्योगिक क्षेत्र, गोंदवारा, सरदार पटेल मार्केट और भनपुरी जैसे इलाकों को लाभ मिलेगा. नए फीडरों के कारण अधिक भार वाले क्षेत्रों में बिजली वितरण को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी. इसका सीधा फायदा उन घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं के साथ औद्योगिक इकाइयों को भी मिलेगा, जिन्हें लगातार बिजली आपूर्ति की जरूरत रहती है.
पुराने फीडरों पर भी घटेगा दबाव
नए उपकेंद्र से तैयार तीन 11 केवी फीडरों के चलते आसपास के मौजूदा फीडरों का भार भी सामान्य करने की योजना है. इससे गोंदवारा उपकेंद्र के विजय लक्ष्मी फीडर, गाजी नगर उपकेंद्र के उमिया मार्केट और भनपुरी उपकेंद्र के टिम्बर मार्केट फीडर पर दबाव कम होगा. नई व्यवस्था से बिजली वितरण नेटवर्क को अधिक संतुलित बनाने में मदद मिलेगी और खराबी के बाद आपूर्ति बहाल करने का समय भी कम हो सकता है.
2.31 करोड़ की लागत से तैयार हुआ उपकेंद्र
उमिया मार्केट में बने इस बिजली उपकेंद्र का निर्माण मुख्यमंत्री विद्युत अधोसंरचना विकास योजना के तहत करीब 2.31 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है. परियोजना में 0.6 किलोमीटर 33 केवी और 1.7 किलोमीटर 11 केवी लाइन भी तैयार की गई है. उपकेंद्र का लोकार्पण रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू ने किया. बिजली विभाग के अधिकारियों के मुताबिक नई व्यवस्था से आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ाने और उपभोक्ताओं को तकनीकी व्यवधान से जल्द राहत दिलाने में मदद मिलेगी.



