CG News: गणेश उत्सव में PoP मूर्तियों पर रोक, नशे और फूहड़ प्रदर्शन पर भी सख्ती
CG News: छत्तीसगढ़ में गणेशोत्सव को सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी ने नई पहल की है. संगठन की ओर से तैयार की गई विस्तृत गाइडलाइन उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा को सौंपी गई है. संगठन के संयोजक डॉ. कुलदीप सोलंकी ने सरकार से इन सुझावों को पूरे प्रदेश में लागू करने की मांग की है. उनका कहना है कि नियमों से पर्व के दौरान अनुशासन और सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा मिलेगा.

PoP और प्लास्टिक की मूर्तियों पर रोक का सुझाव
गाइडलाइन में प्लास्टर ऑफ पेरिस और प्लास्टिक से तैयार गणेश प्रतिमाओं के निर्माण और बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने का प्रस्ताव रखा गया है. उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं पर 10 हजार से 50 हजार रुपए तक जुर्माने का सुझाव दिया गया है. जब्त मूर्तियों के निस्तारण का खर्च भी संबंधित विक्रेता से वसूलने की बात कही गई है. बाजार में मिट्टी और प्राकृतिक सामग्री से बनी पर्यावरण-अनुकूल प्रतिमाओं को ही बढ़ावा देने का प्रस्ताव है.
पंडालों में नशे और अश्लील कार्यक्रमों पर सख्ती
सुझावों के मुताबिक, नशे की हालत में किसी व्यक्ति को पूजा पंडाल में प्रवेश नहीं दिया जाना चाहिए. आयोजक और स्वयंसेवक संदिग्ध लोगों की जांच कर उन्हें जरूरत पड़ने पर पुलिस के हवाले कर सकेंगे. पंडालों में अश्लील गानों और फूहड़ नृत्य पर भी रोक लगाने की मांग की गई है. इसके साथ ही प्रत्येक पंडाल में CCTV कैमरे और चालू अग्निशमन यंत्र रखना अनिवार्य करने का सुझाव दिया गया है.
जुलूस में नशे पर होगी निगरानी
गणेश प्रतिमा के स्वागत और विसर्जन जुलूस के दौरान नशे में शामिल होने वालों पर नजर रखने की बात कही गई है. गाइडलाइन में पुलिस को संदिग्ध व्यक्तियों का मौके पर अल्कोहल टेस्ट करने की व्यवस्था का सुझाव दिया गया है. साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर अनुचित आचरण और अश्लील प्रदर्शन के मामलों में संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग की गई है. ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए तय डेसिबल सीमा और समय का पालन कराने पर भी जोर दिया गया है.
विसर्जन के लिए तय होगी समय सीमा
गाइडलाइन में बड़ी गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए अनंत चतुर्दशी को एक निर्धारित दिन रखने का प्रस्ताव दिया गया है. छोटी प्रतिमाओं के विसर्जन को परंपरा के अनुसार करने की बात कही गई है. विसर्जन केवल प्रशासन और नगर निकाय द्वारा तय स्थानों पर करने का सुझाव है. शोभायात्रा शाम 6 बजे से शुरू होकर रात 12 बजे तक समाप्त कराने की मांग की गई है. साथ ही पुलिस और प्रशासन से नियमित निगरानी और नियमों का पालन सुनिश्चित कराने का अनुरोध किया गया है.
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