CG News: छत्तीसगढ़ BJP संगठन में फेरबदल की चर्चा तेज, किरणदेव की सक्रियता पर टिकी नजर
CG News: रायपुर में भाजपा के प्रदेश संगठन में संभावित बदलाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. प्रदेशाध्यक्ष किरणदेव की स्वास्थ्य स्थिति और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को देखते हुए संगठन में फेरबदल की अटकलें लगाई जा रही हैं. हालांकि पार्टी नेताओं की ओर से फिलहाल प्रदेश अध्यक्ष बदले जाने की किसी संभावना से इनकार किया जा रहा है. सड़क हादसे में घायल होने के बाद किरणदेव का उपचार हुआ था और वे अभी स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं.

सक्रियता नहीं लौटी तो बदल सकता है समीकरण
भाजपा के अंदर चर्चा है कि यदि किरणदेव पूरी तरह स्वस्थ होकर जल्द सक्रिय नहीं हो पाते हैं और उन्हें स्वास्थ्य कारणों से और समय की जरूरत पड़ती है, तो नए प्रदेश अध्यक्ष के विकल्प पर विचार हो सकता है. विधानसभा चुनाव में करीब दो साल का समय बाकी है, इसलिए संगठन चुनावी तैयारियों को जल्द गति देना चाहता है. पार्टी के सामने मोर्चा और प्रकोष्ठों की कार्यकारिणियों के गठन समेत कई संगठनात्मक काम भी पूरे करने हैं.
एक व्यक्ति, एक पद पर भी मंथन
भाजपा संगठन में एक व्यक्ति, एक पद की व्यवस्था को लेकर भी चर्चा चल रही है. सांसद रूपकुमारी चौधरी को राष्ट्रीय महिला मोर्चा अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने के बाद प्रदेश उपाध्यक्ष पद को लेकर सवाल उठ रहे हैं. इसी तरह सीजीएमएससी अध्यक्ष दीपक म्हस्के को राष्ट्रीय स्तर पर सोशल मीडिया संयोजक की जिम्मेदारी मिलने के बाद उनके मौजूदा पद को लेकर भी संगठन में विचार की संभावना जताई जा रही है. बदलाव हुआ तो कुछ जिम्मेदारियों पर नए चेहरों को मौका मिल सकता है.
प्रदेश उपाध्यक्ष का पद भी खाली
प्रदेश संगठन में उपाध्यक्ष का एक पद पहले से रिक्त है. भाजपा में कुल छह उपाध्यक्ष पद हैं और उपाध्यक्षों को अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों तथा जिलों की जिम्मेदारियां दी जाती हैं. ऐसे में पार्टी लंबे समय तक इस पद को खाली रखने के पक्ष में नहीं दिख रही है. हाल ही में नई दिल्ली में हुई राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष की अनुपस्थिति में उपाध्यक्ष ने छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया था.
फिलहाल कोई आधिकारिक फैसला नहीं
भाजपा नेतृत्व की नजर अब किरणदेव की स्वास्थ्य स्थिति और उनकी दोबारा सक्रियता पर बनी हुई है. अगर वे जल्द संगठनात्मक गतिविधियों में लौटते हैं तो बदलाव की चर्चाओं पर विराम लग सकता है, लेकिन उनकी सक्रियता में ज्यादा समय लगता है तो संगठन में नए समीकरण बन सकते हैं. फिलहाल प्रदेश अध्यक्ष बदलने या किसी नए नेता को जिम्मेदारी देने को लेकर भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.




