CG News: छत्तीसगढ़ में शुरू होंगी 8 नई ओपन जेल, अच्छे आचरण वाले बंदियों को मिलेगा नई जिंदगी का अवसर
CG News: छत्तीसगढ़ में बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए 8 नई ओपन जेल शुरू करने की तैयारी है. इनमें 3 ओपन जेल महिला बंदियों के लिए निर्धारित की गई हैं. इन जेलों में अच्छे आचरण वाले पात्र बंदियों को सीमित निगरानी में रखा जाएगा, जहां उन्हें कौशल प्रशिक्षण, रोजगार और सामान्य जीवन में लौटने के अवसर मिलेंगे. खास बात यह है कि उपलब्ध सरकारी अधोसंरचना का उपयोग करके इन जेलों को शुरू किया जा रहा है, जिससे अतिरिक्त सरकारी खर्च नहीं होने का दावा किया गया है.

अलग-अलग जेलों में तय होगी बंदियों की क्षमता
प्रस्तावित ओपन जेलों में बेमेतरा के पथर्रा में सबसे अधिक 200 पुरुष बंदियों को रखने की क्षमता होगी. इसके अलावा केंद्रीय जेल रायपुर और जगदलपुर में 25-25 महिला बंदियों के लिए ओपन जेल प्रस्तावित है, जबकि बिलासपुर में 5 महिला बंदियों की सेमी-ओपन जेल होगी. अंबिकापुर में 15, दुर्ग में 50 और बिलासपुर तथा जगदलपुर में 25-25 पुरुष बंदियों की क्षमता निर्धारित की गई है. इन जेलों का संचालन 13 अगस्त 2026 को जारी छत्तीसगढ़ खुली जेल प्रबंधन एवं संचालन नियमों के तहत किया जाएगा.
परिवार और रोजगार से जुड़ने की मिलेगी आजादी
ओपन जेल में रहने वाले पात्र बंदियों को सामान्य जेल की तुलना में ज्यादा स्वतंत्र वातावरण मिलेगा. वे परिवार से मिलने के साथ खेतों और आसपास के व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में काम कर सकेंगे. इच्छुक बंदियों को छोटा व्यवसाय शुरू करने का अवसर भी दिया जाएगा. उन्हें अपना भोजन खुद तैयार करने और सामान्य जीवनशैली अपनाने की सुविधा मिलेगी, हालांकि उनकी गतिविधियों पर निर्धारित स्तर की निगरानी बनी रहेगी.
अच्छे आचरण वाले बंदियों को ही मिलेगा प्रवेश
ओपन जेल की सुविधा सभी बंदियों के लिए नहीं होगी. ऐसे कैदियों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिन्होंने सजा के दौरान अच्छा व्यवहार किया हो और जिनसे दोबारा गंभीर अपराध की आशंका कम हो. उनकी सामाजिक पृष्ठभूमि और जेल में आचरण सहित कई पहलुओं का मूल्यांकन किया जाएगा. पात्रता तय करने का काम जेल मुख्यालय में गठित चार सदस्यीय हाई पावर कमेटी करेगी, जिसके अध्यक्ष जेल डीजी होंगे.
ITI और कौशल प्रशिक्षण से रोजगार की तैयारी
ओपन जेलों में बंदियों को ITI, कौशल विकास केंद्र, ओपन स्कूल और IGNOU जैसी संस्थाओं से जुड़ने का अवसर मिलेगा. बेमेतरा के पथर्रा में ITI शुरू करने की योजना है, जहां पहले चरण में फैब्रिकेशन ट्रेड का प्रशिक्षण दिया जाएगा. बंदियों को वेल्डिंग, सोल्डरिंग और मेटल बेंडिंग जैसी तकनीकों के साथ स्टील अलमारी और रैक जैसे उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा. प्रशिक्षण के बाद जेल उद्योग में रोजगार और रिहाई के बाद बैंक के माध्यम से ऋण या आर्थिक सहायता देकर स्वरोजगार से जोड़ने की योजना है. इसका उद्देश्य बंदियों को जेल से बाहर निकलने के बाद आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा में सम्मानजनक तरीके से वापस लाना है.
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