CG News: PWD में जल्द लागू होगा वमिस, ₹12,666 करोड़ के 1572 कामों को मिली मंजूरी
CG News: छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने कहा कि लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली को सरल, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए जल्द ही वमिस लागू किया जाएगा. इस व्यवस्था के जरिए DPR तैयार करने से लेकर निर्माण कार्यों की स्वीकृति और अन्य विभागीय प्रक्रियाएं एकीकृत ऑनलाइन सिस्टम से संचालित होंगी. इससे फाइलों की प्रक्रिया में लगने वाला समय कम होगा और निर्माण कार्यों को तेजी से जमीन पर उतारने में मदद मिलेगी.

₹12,666 करोड़ के 1572 कार्यों को मंजूरी
अरुण साव ने बताया कि दिसंबर 2023 में सरकार बनने के बाद से लोक निर्माण विभाग को अब तक 1572 निर्माण कार्यों के लिए 12,666 करोड़ रुपये से अधिक की प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है. इनमें 1285 सड़क निर्माण, 247 पुल निर्माण और 42 भवन निर्माण से जुड़े कार्य शामिल हैं. सरकार का कहना है कि तकनीक के इस्तेमाल से कामकाज में पारदर्शिता के साथ निर्माण कार्यों की निगरानी और गुणवत्ता में भी सुधार होगा.
सात नए संभाग और 12 उप संभाग कार्यालय
पिछले ढाई वर्षों में विभागीय कामकाज को मजबूत करने के लिए सात नए संभागीय कार्यालय और 12 नए उप संभागीय कार्यालय शुरू किए गए हैं. इन कार्यालयों के जरिए निर्माण कार्यों की निगरानी और स्वीकृत परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने का प्रयास किया जा रहा है. विभाग की प्राथमिकताओं में लंबित अनुकंपा नियुक्ति के मामलों का निराकरण भी शामिल है.
रायपुर में नई सड़कों और फ्लाईओवर की तैयारी
रायपुर शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए कई नई सड़क और फ्लाईओवर परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है. मोवा से झेरीखेड़ी तक करीब 5 किलोमीटर सड़क के लिए 100 करोड़ रुपये की योजना है. लाभांडी से सड्डू तक 5 किलोमीटर सड़क के लिए भी 100 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है. इसके अलावा चंदनीडीह से रायपुरा तक बायपास और रावांभाटा बंजारी मंदिर के पास फ्लाईओवर की योजना है. NH-30 पर कमल विहार गेट के पास भी फ्लाईओवर निर्माण को मंजूरी मिली है.
पांच साल की मरम्मत योजना पर जोर
सड़कों के बेहतर रखरखाव के लिए OPRMC के तहत पांच वर्षीय मरम्मत योजना को बढ़ावा दिया जा रहा है. पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सिमगा-तिल्दा-खोरा और नयापारा-कुरूद मार्ग समेत प्रमुख सड़कों को पांच साल के संधारण के लिए अनुबंधित किया गया है. वहीं, सड़क निर्माण की गुणवत्ता जांच के लिए सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट के माध्यम से थर्ड पार्टी जांच कराने की योजना तैयार की गई है. विभाग का लक्ष्य तकनीक, बेहतर निगरानी और समयबद्ध निर्माण के जरिए प्रदेश के अधोसंरचना विकास को नई गति देना है.
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