CG News: वात्सल्य गौरव-2 में 15 लाख देकर 14 साल इंतजार, रेरा ने 10.80% ब्याज के साथ 33.70 लाख लौटाने का दिया आदेश
CG News: रायपुर के सेजबहार स्थित वात्सल्य गौरव-2 परियोजना में गुलाबवती पटेल ने भूखंड के लिए 15 लाख 9 हजार 300 रुपये का भुगतान किया था. वर्ष 2012 में बुकिंग के बाद उन्होंने 2015 तक पूरी रकम चुका दी, लेकिन इसके बावजूद उन्हें न भूखंड मिला, न मकान और न ही विक्रय विलेख. करीब 14 साल तक संपत्ति का इंतजार करने के बाद उन्होंने अपनी रकम और ब्याज की वापसी के लिए रेरा में शिकायत की.

जमीन के बजाय मिली रकम वापसी
गुलाबवती पटेल ने लंबे समय तक रकम फंसे रहने का हवाला देते हुए 15 प्रतिशत ब्याज की मांग की थी. वहीं बिल्डर की ओर से 6 प्रतिशत ब्याज देने की बात रखी गई. रेरा ने दोनों दावों के बीच 10.80 प्रतिशत ब्याज की दर निर्धारित की. अप्रैल 2015 से अगस्त 2026 तक ब्याज की राशि 18 लाख 60 हजार 956 रुपये तय की गई, जबकि मूलधन जोड़कर कुल 33 लाख 70 हजार 256 रुपये लौटाने का आदेश दिया गया.
14 साल बाद सामने आई जमीन की स्थिति
जिस भूखंड के लिए वर्ष 2012 में रकम दी गई थी, उसका आज तक पंजीयन और विक्रय विलेख नहीं हुआ. वर्ष 2026 में बिल्डर की ओर से यह जानकारी सामने आई कि प्रस्तावित परियोजना की जमीन अब उसके स्वामित्व में नहीं है. इसके बाद खरीदार के लिए भूखंड मिलने की उम्मीद भी खत्म हो गई. रेरा के आदेश के अनुसार अब उन्हें जमीन या मकान के बजाय मूलधन और ब्याज की राशि वापस दी जाएगी.
पैसा भी फंसा और मौका भी गया
गुलाबवती के लिए परेशानी सिर्फ संपत्ति नहीं मिलने तक सीमित नहीं रही. उनकी 15.09 लाख रुपये की रकम वर्षों तक परियोजना में फंसी रही. इस दौरान वह दूसरी जगह जमीन या मकान खरीदने के लिए उस रकम का इस्तेमाल नहीं कर सकीं. तय समय में परियोजना पूरी नहीं होने और विक्रय विलेख नहीं होने के बाद उन्हें अपनी राशि वापस पाने के लिए कानूनी प्रक्रिया का सहारा लेना पड़ा.
ऐसे चला 14 साल का पूरा मामला
गुलाबवती ने 11 जनवरी 2012 को भूखंड बुक कराया और 14 फरवरी 2012 को समझौता हुआ. 19 मार्च 2015 तक उन्होंने 15 लाख 9 हजार 300 रुपये का पूरा भुगतान कर दिया था. समझौते के अनुसार परियोजना 24 महीने में पूरी होनी थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. 20 मार्च 2026 को जमीन के स्वामित्व को लेकर स्थिति स्पष्ट हुई. अब रेरा ने 10.80 प्रतिशत ब्याज के साथ कुल 33 लाख 70 हजार 256 रुपये 30 दिन के भीतर लौटाने का आदेश दिया है.
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