CG News: राजनांदगांव में भव्य स्वतंत्रता दिवस समारोह, बस्तर के 92 गांवों में पहली बार शान से लहराया तिरंगा
CG News: देशभर में 80वां स्वतंत्रता दिवस उत्साह और देशभक्ति के साथ मनाया जा रहा है, राजनांदगांव के PTS मैदान में आयोजित जिला स्तरीय मुख्य समारोह में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया, ध्वजारोहण के बाद पुलिस जवानों ने उन्हें सलामी दी, डॉ. रमन सिंह ने परेड का निरीक्षण किया, समारोह में प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, पुलिसकर्मी और बड़ी संख्या में स्कूली विद्यार्थी मौजूद रहे.

देश की एकता और अखंडता का दिया संदेश
मुख्य अतिथि डॉ. रमन सिंह ने राष्ट्रध्वज को सलामी दी और देश की एकता एवं अखंडता का संदेश दिया, इस दौरान देश की प्रगति और खुशहाली के प्रतीक के रूप में गुब्बारे आसमान में छोड़े गए, समारोह में हर्ष फायर भी किया गया, कार्यक्रम के दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और देश की सुरक्षा में अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीर जवानों के परिजनों को सम्मानित किया गया, इस सम्मान समारोह ने कार्यक्रम को भावुक और गौरवपूर्ण बना दिया.
बड़ी संख्या में शामिल हुए लोग
राजनांदगांव के मुख्य समारोह में स्थानीय नागरिकों के साथ स्कूली विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया, पुलिस जवानों की परेड और राष्ट्रध्वज को सलामी देने के दृश्य ने पूरे माहौल को देशभक्ति से भर दिया, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में स्वतंत्रता दिवस समारोह गरिमापूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, लोगों ने देश की एकता, अखंडता और विकास के संकल्प के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया.
बस्तर के 92 गांवों में पहली बार सार्वजनिक आयोजन
स्वतंत्रता दिवस पर बस्तर के सुदूर और दुर्गम गांवों में भी इस बार तिरंगा पूरे सम्मान के साथ फहराया गया, दशकों तक नक्सली हिंसा के कारण जहां राष्ट्रीय पर्व मनाना चुनौती बना रहा, वहां इस साल बस्तर संभाग के 92 गांवों में पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वतंत्रता दिवस का आयोजन हुआ, इनमें बीजापुर के 33, सुकमा के 50 और नारायणपुर के 9 गांव शामिल हैं, इन गांवों में ग्रामीणों ने पूरे उत्साह के साथ राष्ट्रीय पर्व मनाया.
बदलते बस्तर की दिखी नई तस्वीर
बस्तर के इन गांवों में तिरंगा फहराया जाना केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि लंबे समय तक हिंसा और भय से प्रभावित रहे क्षेत्रों में बदलते माहौल का संकेत माना जा रहा है, राष्ट्रीय ध्वज के साथ ग्रामीणों में लोकतंत्र और विकास के प्रति विश्वास बढ़ने की तस्वीर सामने आई, जहां कभी राष्ट्रीय पर्व मनाना मुश्किल था, वहां अब लोग खुले तौर पर स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं, यह बस्तर में सामान्य जीवन और नई उम्मीद की ओर बढ़ते कदमों को दर्शाता है.

