CG News: छत्तीसगढ़ में खेल विकास पर जोर, 100 करोड़ के मिशन से खिलाड़ियों को मिलेगी नई ताकत
CG News: छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से कई स्तरों पर काम किया जा रहा है. राजधानी रायपुर में राज्य की पहली स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव आयोजित की गई, जिसमें देश के अलग-अलग हिस्सों से खेल विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और प्रशासक शामिल हुए. उनके सुझावों के आधार पर प्रदेश के लिए नई और आधुनिक खेल नीति का ड्राफ्ट तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य खेलों के विकास को व्यवस्थित और दीर्घकालिक दिशा देना है.

100 करोड़ के मिशन से बढ़ेगी सुविधाएं
खेल अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए बजट में मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स एक्सीलेंस मिशन के तहत 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इस राशि से आधुनिक खेल मैदान, प्रशिक्षण केंद्र और खिलाड़ियों के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है. वहीं, छत्तीसगढ़ को खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी मिलने से आदिवासी क्षेत्रों के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला है.
ओलंपिक से गांवों की प्रतिभाओं को मंच
ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों के खिलाड़ियों को सामने लाने के लिए बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक जैसे आयोजन किए जा रहे हैं. बस्तर ओलंपिक में करीब 3 लाख 91 हजार युवाओं ने हिस्सा लिया, जबकि सरगुजा ओलंपिक में साढ़े तीन लाख से ज्यादा स्थानीय युवाओं की भागीदारी रही. इसके अलावा नवा रायपुर में क्रिकेट सुविधाओं के विस्तार के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ को 7.96 एकड़ जमीन आवंटित की गई है. जशपुर और बस्तर जैसे इलाकों में तीरंदाजी सहित दूसरे खेलों की अकादमियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है.
खिलाड़ियों को नौकरी और पुरस्कार का सहारा
खेल प्रतिभाओं के भविष्य को मजबूत करने के लिए 20 खेल विधाओं के 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों की चयन सूची को मंजूरी दी गई है. खेल कोटे के तहत सरकारी नौकरियों में 2 प्रतिशत आरक्षण से इन खिलाड़ियों के लिए शासकीय सेवा का रास्ता खुला है. इसके साथ ही पदक विजेताओं के लिए नकद पुरस्कार का भी प्रावधान किया गया है. ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता को 3 करोड़, रजत पदक विजेता को 2 करोड़ और कांस्य पदक विजेता को 1 करोड़ रुपये देने का प्रावधान है. वहीं, ओलंपिक के लिए चयनित खिलाड़ियों को 21 लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि मिल सकती है. सरकार की इन पहलों का उद्देश्य खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आर्थिक सुरक्षा और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के अवसर देना है.


