CG News: भोरमदेव जंगल सफारी बनी नई पहचान, ईको-टूरिज्म से पर्यावरण और रोजगार दोनों को बढ़ावा
CG News: छत्तीसगढ़ में पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम भोरमदेव जंगल सफारी के रूप में देखने को मिल रहा है। ईको-टूरिज्म के तहत यहां स्थानीय जैव विविधता को बिना नुकसान पहुंचाए लोगों को प्रकृति से जोड़ने की पहल की गई है।

पहले महीने में बड़ी संख्या में पर्यटक
जंगल सफारी अपने पहले ही महीने में पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र बन गई। करीब 480 से अधिक पर्यटकों ने इसका आनंद लिया, जिससे लगभग पौने 3 लाख रुपये की आय भी प्राप्त हुई। नवंबर से मानसून के बाद इसका संचालन फिर से शुरू किया जाएगा।

स्थानीय लोगों को मिला रोजगार
इस पहल से स्थानीय युवाओं को वाहन चालक, गाइड और गेटकीपर के रूप में रोजगार मिला है। एक महीने में 17 युवाओं ने 75 हजार रुपये से अधिक की आय अर्जित की। साथ ही वन प्रबंधन समिति और वन विभाग को भी आय प्राप्त हुई है।
महिलाओं की आमदनी में वृद्धि
सफारी परिसर में स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित कैंटीन भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनी। इससे महिलाओं को अतिरिक्त आय मिली और वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
भोरमदेव उद्यान भी बना आकर्षण
जंगल सफारी के साथ भोरमदेव प्राकृतिक उद्यान भी पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है। एक महीने में 1500 से अधिक लोगों ने उद्यान का भ्रमण किया, जिससे क्षेत्र की पर्यटन पहचान और मजबूत हुई है, करीब 36 किलोमीटर लंबे सफारी मार्ग में पर्यटकों को भारतीय गौर, भालू, नीलगाय, सांभर, विभिन्न पक्षियों और बाघ के पदचिह्न देखने का रोमांचक अनुभव मिला। घने जंगल और प्राकृतिक दृश्य इस सफारी को खास बनाते हैं।

