CG News: आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कारों पर जोर, मुख्यमंत्री साय से संत-महात्माओं की मुलाकात
CG News: छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था को भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जोड़ने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को संत समाज का समर्थन मिला है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से विभिन्न संत-महात्माओं ने सौजन्य भेंट कर स्कूली शिक्षा में सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्यों को शामिल करने की पहल का स्वागत किया।
संत समाज ने जताया आभार
मुख्यमंत्री निवास में हुई मुलाकात के दौरान संत-महात्माओं ने विद्यालयों में पारंपरिक प्रार्थनाओं, श्लोकों और नैतिक शिक्षा से जुड़े तत्वों को पुनः शामिल करने के निर्णय की सराहना की। उनका मानना है कि इससे विद्यार्थियों में अनुशासन, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी।

भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ेंगे विद्यार्थी
संतों ने कहा कि भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा से जुड़ी शिक्षाएं बच्चों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। विद्यालयों में सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्यों का समावेश नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और परंपराओं से जोड़ने में मदद करेगा, शिक्षा के साथ संस्कारों का समावेश विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास के साथ-साथ उनके नैतिक और सामाजिक विकास को भी मजबूत करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे बच्चों में सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और अनुशासन जैसी महत्वपूर्ण विशेषताओं का विकास होगा।
आधुनिक शिक्षा के साथ सांस्कृतिक जुड़ाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें भारतीय संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों से भी जोड़ना है। शिक्षा को केवल परीक्षा और रोजगार तक सीमित न रखकर व्यक्तित्व निर्माण का माध्यम बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सांस्कृतिक चेतना को मिलेगा बढ़ावा
विद्यालयों में प्रेरणादायी प्रार्थनाओं और सांस्कृतिक गतिविधियों के समावेश से विद्यार्थियों मंस सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक संवेदनशीलता को बढ़ावा मिलेगा। इससे वे अपनी परंपराओं और विरासत के प्रति अधिक जागरूक बन सकेंगे, संत-महात्माओं ने इस पहल को प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और आध्यात्मिक विरासत को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी पहलें समाज में नैतिक मूल्यों और सकारात्मक वातावरण को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होंगी, यह पहल विद्यार्थियों को आधुनिक ज्ञान के साथ-साथ भारतीय जीवन दर्शन और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का प्रयास है। इसका उद्देश्य एक ऐसी पीढ़ी तैयार करना है जो आधुनिक सोच के साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत का भी सम्मान करे और जिम्मेदार नागरिक के रूप में समाज में योगदान दे सके।

