CG News: 1 जुलाई से लागू होंगी नई बिजली दरें, ऊर्जा राहत योजना से लाखों उपभोक्ताओं को राहत
CG News: छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई बिजली दरों की घोषणा कर दी है। संशोधित दरें 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होंगी। बढ़ती महंगाई, कोयले की लागत, बिजली उत्पादन और वितरण खर्च को देखते हुए बिजली शुल्क में सीमित वृद्धि की गई है।

घरेलू उपभोक्ताओं पर सीमित प्रभाव
नई व्यवस्था के तहत घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में मामूली बढ़ोतरी की गई है। हालांकि विभिन्न राहत योजनाओं और सब्सिडी के चलते आम परिवारों पर इसका वास्तविक प्रभाव काफी कम रहने की संभावना जताई गई है। विशेष रूप से निम्न और मध्यम आय वर्ग के उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।
ऊर्जा राहत योजना से मिलेगा फायदा
मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना के तहत पात्र उपभोक्ताओं को बिजली बिल में मिलने वाली छूट जारी रहेगी। योजना का लाभ लेने वाले लाखों परिवारों के लिए बढ़ी हुई दरों का असर काफी हद तक कम हो जाएगा, जिससे घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा, रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने वाले उपभोक्ताओं को भी नई व्यवस्था का लाभ मिल सकता है। सौर ऊर्जा के उपयोग से ग्रिड आधारित बिजली खपत कम होने के कारण ऐसे उपभोक्ताओं पर टैरिफ वृद्धि का प्रभाव अपेक्षाकृत कम रहेगा।
विशेष श्रेणियों को दी गई रियायत
कृषि क्षेत्र के लिए बिजली शुल्क में संशोधन किया गया है, लेकिन किसानों को उपलब्ध सरकारी सहायता और सब्सिडी के कारण इसका सीधा असर सीमित रहेगा। वहीं व्यावसायिक और औद्योगिक श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए भी बिजली शुल्क में आंशिक बदलाव किए गए हैं, नई टैरिफ व्यवस्था में कुछ वर्गों को विशेष राहत प्रदान की गई है। छात्रावासों और अन्य चयनित संस्थानों के लिए श्रेणी संबंधी लाभ दिए गए हैं। साथ ही विलंबित भुगतान पर लगने वाले अतिरिक्त शुल्क की व्यवस्था को भी उपभोक्ता हित में सरल बनाया गया है।
ऑफ-पीक समय में बिजली उपयोग पर छूट
नई व्यवस्था के तहत कुछ श्रेणी के उपभोक्ताओं को निर्धारित ऑफ-पीक अवधि में बिजली उपयोग करने पर अतिरिक्त छूट का लाभ मिलेगा। इससे बिजली की मांग को संतुलित करने और उपभोक्ताओं को बचत का अवसर देने का प्रयास किया गया है, बिजली दरों में संशोधन के बावजूद छत्तीसगढ़ में बिजली शुल्क कई पड़ोसी राज्यों की तुलना में प्रतिस्पर्धी और अपेक्षाकृत कम बना हुआ है। सरकार का दावा है कि राहत योजनाओं, सब्सिडी और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने वाली नीतियों के कारण आम उपभोक्ताओं पर बढ़ी हुई दरों का असर सीमित रहेगा।

