CG News: अबूझमाड़ में जनजातीय सहकारी मॉडल पर जोर, महुआ प्रसंस्करण और ऑनलाइन भुगतान से आदिवासी संग्राहकों को मिलेगा लाभ
CG News: छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ क्षेत्र में जनजातीय सहकारी मॉडल विकसित करने को लेकर बड़ा कदम उठाया जा रहा है। आदिवासी नेतृत्व में महुआ प्रसंस्करण को बढ़ावा देने और स्थानीय समुदाय की आय बढ़ाने के लिए लघु वनोपज संघ की बैठक में विस्तार से चर्चा की गई।
उत्पादों को मिलेगा बढ़ावा
बैठक में जानकारी दी गई कि वन धन सहकारी समितियों के माध्यम से महुआ से कई मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इनमें महुआ लड्डू, कुकीज, स्क्वैश (शरबत) और अचार शामिल हैं। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने और उद्यमियों को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया गया है।
संग्राहकों को सीधे ऑनलाइन भुगतान
तेंदूपत्ता और अन्य लघु वनोपज संग्राहकों के हितों की सुरक्षा और वित्तीय पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा सीधे ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था लागू की गई है। इस सिस्टम के तहत संग्राहकों की राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जा रही है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो रही है।
आय बढ़ाने और पारदर्शिता पर जोर
बैठक में तेंदूपत्ता संग्रहण व्यवस्था की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों ने कहा कि सरकार का उद्देश्य संग्राहकों को अधिक से अधिक लाभ देना और व्यापार में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। इसके लिए डिजिटल सिस्टम को और मजबूत किया जा रहा है।
कई अधिकारी शामिल
मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में मंत्रालय (महानदी भवन) में हुई इस बैठक में वन, पंचायत, आदिम जाति विकास, वित्त, उद्योग, राजस्व और गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में लघु वनोपज संघ की कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई।



