CG News: जशपुर में 119 करोड़ की ‘समृद्धि एम-कैड योजना’ शुरू, आधुनिक खेती और जल प्रबंधन का बनेगा राष्ट्रीय मॉडल
CG News: जशपुर जिला अब आधुनिक खेती और जल प्रबंधन के क्षेत्र में देशभर के लिए एक नेशनल मॉडल बनकर उभर रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने गृह ग्राम बगिया में 119 करोड़ रुपए की ‘समृद्धि एम-कैड योजना’ का शुभारंभ किया, जो कृषि क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव लाने वाली पहल मानी जा रही है।
नहरों की जगह आधुनिक तकनीक
इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें पारंपरिक नहरों के बजाय भूमिगत पाइपलाइन के जरिए दाबित सिंचाई प्रणाली अपनाई जाएगी।
• पाइप जमीन के अंदर होंगे
• किसानों की जमीन का अधिग्रहण नहीं होगा
• सिंचाई बिना किसी बाधा के सीधे खेतों तक पहुंचेगी

सौर ऊर्जा से होगा संचालन
योजना में बिजली की आपूर्ति सौर ऊर्जा से की जाएगी, जिससे संचालन लागत लगभग शून्य के बराबर रहेगी। यह पहल किसानों को कम लागत में अधिक लाभ देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
IoT और SCADA से स्मार्ट जल प्रबंधन
परियोजना में आधुनिक तकनीकों जैसे—
• SCADA (Supervisory Control and Data Acquisition)
• IoT (Internet of Things)
का उपयोग किया जाएगा, जिससे यह तय किया जा सकेगा कि किस खेत को कब और कितनी मात्रा में पानी देना है। इससे जल का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा।
13 गांवों को मिलेगा सीधा फायदा
इस योजना से जशपुर जिले के 13 गांवों के किसानों की किस्मत बदलेगी, जिनमें शामिल हैं, बगिया, उसकुटी, रजोती, सुजीबहार, चोंगरीबहार, बांसबहार, डोकड़ा, सिकरिया, पतराटोली, गहिराडोहर, बीहाबल, नरियरडांड और ढुढुडांड।
मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पहले किसान केवल मानसून पर निर्भर रहते थे, लेकिन अब “पर ड्रॉप मोर क्रॉप” के मंत्र के साथ जशपुर एक राष्ट्रीय मॉडल बनेगा, इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार ने 95.89 करोड़ रुपए की सहायता दी है। देशभर में 23 राज्यों में ऐसी 34 परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं, जिनमें छत्तीसगढ़ का बगिया क्लस्टर भी शामिल है।
महिलाओं की होगी अहम भूमिका
योजना के संचालन और निगरानी में जल उपभोक्ता समितियों की भूमिका अहम होगी, जिसमें महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है। 13 गांवों की महिलाएं इस योजना की मॉनिटरिंग करेंगी, इस परियोजना को अगले 6 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण के बाद शुरुआती 5 वर्षों तक इसका रखरखाव ठेकेदार करेगा, उसके बाद इसे पूरी तरह जल उपभोक्ता समितियों को सौंप दिया जाएगा।
खेती में आएगा बड़ा बदलाव
‘समृद्धि एम-कैड योजना’ न केवल सिंचाई व्यवस्था को आधुनिक बनाएगी, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और जल संरक्षण को भी बढ़ावा देगी। यह पहल छत्तीसगढ़ को कृषि नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।



