CG News: बस्तर में तेंदूपत्ता सीजन की शुरुआत, 2.70 लाख मानक बोरा संग्रहण का लक्ष्य
CG News: बस्तर के घने जंगलों से निकलने वाला “हरा सोना” यानी तेंदूपत्ता एक बार फिर हजारों आदिवासी और ग्रामीण परिवारों के जीवन में खुशहाली लेकर आने वाला है। तेंदूपत्ता संग्रहण सीजन शुरू होने से पहले वन विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और इस बार रिकॉर्ड संग्रहण का लक्ष्य तय किया गया है।
तेंदूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य
इस वर्ष बस्तर सर्किल के सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर और बस्तर जिले में कुल 2 लाख 70 हजार मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, इस बार सबसे ज्यादा उत्पादन की उम्मीद बीजापुर जिले से है, जहां तेंदूपत्ता की अच्छी पैदावार के संकेत मिल रहे हैं।

मौसम ने बढ़ाई उम्मीदें
इस बार मौसम भी पूरी तरह अनुकूल है, जिससे उत्पादन बेहतर होने और पिछले वर्षों के मुकाबले अधिक संग्रहण की संभावना जताई जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने पहले से ही खरीदी व्यवस्था को मजबूत कर दिया है।
संग्रहण के लिए मजबूत व्यवस्था
पूरे बस्तर सर्किल में 75 समितियों के जरिए 119 लॉट बनाए गए हैं, जहां तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य होगा। इसके साथ ही पत्तों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के लिए 43 परिवहन समूह तैयार किए गए हैं, ग्रामीण संग्राहकों की सुविधा के लिए इस बार 10 नए फड़ भी जोड़े गए हैं—सुकमा में 2 और बीजापुर में 8। अब पूरे सर्किल में 1300 से ज्यादा फड़ सक्रिय रहेंगे।
सीधे खाते में पहुंचेगा पैसा
वन विभाग ने भुगतान प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया है। संग्राहकों को उनकी मेहनत की राशि सीधे बैंक खातों में मिले, इसके लिए संग्राहक कार्ड को आधार से जोड़ा जा रहा है, बीजापुर जिले में अब तक 53,608 परिवारों में से 51,818 परिवारों के बैंक खाते खोले जा चुके हैं, जबकि बाकी प्रक्रिया तेजी से जारी है।
कितनी मिलेगी कीमत?
तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए 50-50 पत्तों की गड्डी बनाई जाती है और ऐसी 1000 गड्डियों से एक मानक बोरा तैयार होता है। फिलहाल राज्य सरकार प्रति मानक बोरा 5500 रुपए का भुगतान कर रही है, जिससे ग्रामीणों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
नया बदलाव और उम्मीदें
नक्सल प्रभाव में कमी आने के बाद इस बार तेंदूपत्ता सीजन बिना किसी बाधा के संचालित होने की उम्मीद है। इससे न सिर्फ रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि बस्तर के वनांचल में आर्थिक मजबूती और खुशहाली का नया दौर भी शुरू होगा।

