Jashpur News: जशपुर में टिकाऊ खेती की नई पहल, 600 हेक्टेयर में हरी खाद का प्रदर्शन
Jashpur News: जशपुर जिले में टिकाऊ और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए नई पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में कृषि विभाग द्वारा किसानों को हरी खाद अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
600 हेक्टेयर में हरी खाद का प्रदर्शन
इस वर्ष जिले के सभी विकासखंडों में लगभग 600 हेक्टेयर क्षेत्र में हरी खाद का प्रदर्शन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करना और मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाना है।
किसानों को तकनीकी जानकारी
कृषि विभाग के मैदानी अमले द्वारा किसानों को ढेंचा, सनई, मूंग, उड़द और बरसीम जैसी फसलों के माध्यम से हरी खाद तैयार करने की तकनीक समझाई जा रही है। इन फसलों को 40 से 50 दिन बाद खेत में मिलाकर मिट्टी को प्राकृतिक रूप से उपजाऊ बनाया जाता है।
मिट्टी की सेहत में सुधार
हरी खाद के उपयोग से मिट्टी में नाइट्रोजन, पोटाश और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ती है। इससे भूमि की जलधारण क्षमता बेहतर होती है और खेत अधिक उपजाऊ बनते हैं, विशेषज्ञों के अनुसार, हरी खाद अपनाने से यूरिया जैसे रासायनिक उर्वरकों की जरूरत कम होती है, जिससे खेती की लागत घटती है और किसानों की आय में वृद्धि होती है।
किसानों के लिए लाभकारी पहल
यह तकनीक न केवल पर्यावरण के लिए सुरक्षित है, बल्कि लंबे समय में टिकाऊ खेती को बढ़ावा देती है। राज्य सरकार का यह प्रयास किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और कृषि को अधिक लाभकारी दिशा देने में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।
