CG News: छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम ने शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए मुद्रण नीति और गुणवत्ता मानकों की जानकारी दी
CG News: छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम ने स्पष्ट किया कि, कक्षा 1 से 8 तक की पाठ्यपुस्तकों का पाठ्यक्रम एनसीईआरटी आधारित है, आंतरिक पृष्ठों के लिए 80 जीएसएम टेक्स्ट पेपर और आवरण के लिए 220 जीएसएम कवर पेपर का उपयोग किया जाएगा, कक्षा 9 और 10 के लिए 70 जीएसएम कागज का उपयोग सुनिश्चित किया गया है.
विषयों की संख्या में वृद्धि
नई शिक्षा नीति के अनुसार कक्षा 1 से 8 तक विषयों की संख्या 134 से बढ़ाकर 144 की गई है, कक्षा 4 और 7 में विषयों की वृद्धि एससीईआरटी और राज्य शासन के निर्णय के आधार पर की गई है, इससे कागज की आवश्यकता स्वाभाविक रूप से बढ़ी है, लेकिन यह पूरी तरह अनुमोदित और योजनाबद्ध प्रक्रिया के तहत है.
कागज की गुणवत्ता पर नियंत्रण
निगम ने स्पष्ट किया कि, छात्रों के बस्ते के वजन में 14% बढ़ोतरी के दावे अतिरंजित और असत्य हैं, डिजिटल शिक्षण-सामग्री, वर्षवार वितरण प्रणाली और अन्य शैक्षणिक उपायों से विद्यार्थियों के बस्ते का वजन नियंत्रित रखा जा रहा है,
कागज के जीएसएम में बदलाव केवल प्रकाशन गुणवत्ता और दीर्घकालिक स्थायित्व सुनिश्चित करने के लिए किया गया है.
उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कठोर शर्तें
पाठ्यपुस्तकों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निविदा प्रक्रिया में कड़ी शर्तें लागू की गई हैं,
• कागज मिलों से क्लीयरेंस सर्टिफिकेट अनिवार्य
• न्यूनतम 42,000 मीट्रिक टन प्रिंटिंग पेपर की आपूर्ति का प्रमाण
इससे केवल अनुभवी और सक्षम कंपनियां ही आपूर्ति में भाग ले सकती हैं.
पारदर्शिता और विद्यार्थियों के हित सर्वोपरि
छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम ने दोहराया कि, सभी निर्णय एससीईआरटी और राज्य शासन के निर्देशों के अनुसार लिए जा रहे हैं, विद्यार्थियों के हित सर्वोपरि हैं और गुणवत्तापूर्ण पाठ्यपुस्तकें समय पर उपलब्ध कराना निगम की प्राथमिकता है,
अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की गई है कि, वे सत्यापित तथ्यों पर भरोसा करें और भ्रम फैलाने वाली जानकारियों पर ध्यान न दें.




