CG News: बस्तर ओलंपिक 2025 का भव्य शुभारंभ, CM साय बोले: मैं आपका भाई हूँ, सरकार आपके साथ
CG News: बस्तर ओलंपिक 2025 का भव्य शुभारंभ आज जगदलपुर के इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम में हुआ, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संभाग स्तरीय प्रतियोगिता का विधिवत उद्घाटन किया और खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया, बस्तर संभाग के सभी सात जिलों के खिलाड़ियों द्वारा प्रस्तुत आकर्षक मार्चपास्ट ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया.
सरकार हर कदम पर आपके साथ है: CM साय
सीएम साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि, आपका मुख्यमंत्री आपके समाज का है, आपका भाई है, आप आगे बढ़ें, सरकार हर कदम पर आपके साथ खड़ी है, उन्होंने कहा कि, सरकार बस्तर के गांव-गांव तक विकास की धारा पहुँचाने के लिए संकल्पित है, इसका परिणाम है कि, बस्तर अब शांति, समरसता और समृद्धि की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है.
युवाओं, बेटियों और नुवाबाट की शानदार भागीदारी
सीएम साय ने बताया कि, इस आयोजन में बस्तर के युवा बड़ी संख्या में शामिल होकर इसे ऐतिहासिक बना रहे हैं, सबसे खास बात यह कि नुवाबाट के प्रतिभागियों ने भी जोश के साथ भाग लेकर आयोजन को विशेष आयाम दिया है, बड़ी संख्या में बेटियों की सहभागिता महिला सशक्तिकरण की नई दिशा दर्शाती है.
प्रतिभाओं को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय मंच
मुख्यमंत्री ने कहा कि, सरकार बस्तर के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करने हेतु कटिबद्ध है, उन्होंने घोषणा की कि, अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक स्पर्धाओं में मेडल जीतकर आने वाले खिलाड़ियों को गोल्ड के लिए 3 करोड़, सिल्वर के लिए 2 करोड़ और ब्रॉन्ज के लिए 1 करोड़ रुपये की सम्मान निधि दी जाएगी.
3.92 लाख प्रतिभागियों का पंजीयन
खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक तनुजा सलाम ने बताया कि, इस वर्ष बस्तर ओलंपिक में 3,92,000 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीयन कराया है, जिनमें 2,27,000 से अधिक महिलाएँ शामिल हैं, यह पिछले वर्ष के 1,65,000 प्रतिभागियों की तुलना में दोगुने से अधिक है, जो बस्तर में बदलती सोच और नई ऊर्जा का प्रमाण है.
मशाल प्रज्ज्वलन के बाद शुरू हुई प्रतिस्पर्धा
मुख्यमंत्री और मेरी कॉम द्वारा मशाल प्रज्ज्वलन के बाद इसे सुकमा के पूवर्ती के खिलाड़ी विजय डोडी तथा नारायणपुर जिले के ओरछा निवासी सलोनी कवाची को सौंपा गया, दोनों खिलाड़ियों ने पूरे सम्मान और गर्व से ग्राउंड की परिक्रमा कर मशाल को मुख्य स्थल तक पहुँचाया, यह क्षण हजारों दर्शकों के लिए प्रेरणादायक और गर्वपूर्ण रहा, खासकर माओवाद प्रभावित क्षेत्रों से आने वाले इन प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए.
बस्तर की धरती खेल प्रतिभाओं से सराबोर
हजारों खिलाड़ियों और दर्शकों की उपस्थिति में हुआ, यह ऐतिहासिक आयोजन साबित करता है कि, बस्तर की धरती में असीम खेल प्रतिभाएँ जन्म ले रही हैं, राज्य सरकार और प्रशासन इसके संवर्धन और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं.



