CG News: मुख्यमंत्री साय ने दुर्ग को दी 737 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात, अधिकारियों को भी दिया सख्त संदेश
CG News: दुर्ग नगर निगम क्षेत्र के जेआरडी स्कूल मैदान में आयोजित सुशासन तिहार के समाधान शिविर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जिलेवासियों को 737 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिकों की मौजूदगी रही। इस अवसर पर मंत्री गजेंद्र यादव, सांसद विजय बघेल, दुर्ग महापौर अलका बाघमार सहित कई जनप्रतिनिधि और भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विकास कार्यों पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों के भूमिपूजन और लोकार्पण पर लोगों को बधाई देते हुए कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति सरकार के प्रति जनता के विश्वास को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विकास कार्यों को गति देना और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

सुशासन तिहार से हो रहा समस्याओं का समाधान
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में समाधान शिविर आयोजित कर लोगों की शिकायतों और मांगों का मौके पर निराकरण किया जा रहा है। साथ ही प्रशासनिक व्यवस्थाओं और योजनाओं की निगरानी के लिए औचक निरीक्षण भी किए जा रहे हैं।
आईटी पार्क के बाद रिसर्च सेंटर की संभावना
दुर्ग में आईटी पार्क के बाद रिसर्च सेंटर स्थापित किए जाने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार विकास के हर क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि आईटी पार्क का सपना साकार हो चुका है और भविष्य में रिसर्च सेंटर जैसी परियोजनाओं पर भी सकारात्मक पहल की जाएगी।
अधिकारियों को दिया सख्त संदेश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि यदि किसी अधिकारी के खिलाफ शिकायत प्राप्त होती है और जांच में वह सही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन के सिद्धांतों पर कार्य कर रही है।
जनता के भरोसे को बताया सबसे बड़ी ताकत
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता का विश्वास ही सरकार की सबसे बड़ी ताकत है। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक नागरिक को योजनाओं का लाभ समय पर मिले और प्रशासन आम लोगों के प्रति संवेदनशील एवं जवाबदेह बना रहे।


