CG News: प्रधानमंत्री ‘मन की बात’ 133वां एपिसोड, छत्तीसगढ़ में ब्लैक बक संरक्षण की सफलता पर विशेष चर्चा
CG News: रविवार, 26 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 133वें एपिसोड के माध्यम से देश को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने पर्यावरण, वन्यजीव संरक्षण और देशभर में चल रही सकारात्मक पहलों पर विस्तार से चर्चा की।
छत्तीसगढ़ में ब्लैक बक की वापसी का जिक्र
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में ब्लैक बक (काला हिरण) फिर से दिखाई देने लगे हैं। उन्होंने कहा कि संरक्षण प्रयासों के कारण इनकी घटती संख्या अब फिर से बढ़ रही है और यह भारत की खोती हुई प्राकृतिक विरासत की वापसी का संकेत है।

मुख्यमंत्री साय की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम को सुना और ब्लैक बक संरक्षण के उल्लेख पर प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है और राज्य सरकार वन्यजीव संरक्षण के लिए लगातार काम कर रही है।
बांस, हरित ऊर्जा और विकास पर भी चर्चा
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि बांस अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण आय का स्रोत बन सकता है। साथ ही उन्होंने देश में पवन ऊर्जा के क्षेत्र में 56 गीगावाट की उपलब्धि को भी सराहा, मुख्यमंत्री ने बताया कि 29 अप्रैल को कैबिनेट बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे और 30 अप्रैल को एक दिवसीय विधानसभा सत्र आयोजित होगा, जिसमें कई विषयों पर चर्चा की जाएगी, जिसमें नारी शक्ति वंदन अधिनियम का समर्थन भी शामिल है।
बंगाल चुनाव पर राजनीतिक प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री ने पश्चिम बंगाल चुनाव पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जनता परिवर्तन चाहती है और चुनाव में शांतिपूर्ण मतदान हुआ है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के प्रति बढ़ते समर्थन का उल्लेख किया।
ब्लैक बक के बारे में रोचक तथ्य
ब्लैक बक (कृष्ण मृग) भारत और नेपाल में पाया जाने वाला शाकाहारी वन्यजीव है। नर के सींग होते हैं जबकि मादा बिना सींग की होती है। यह 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकता है और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत संरक्षित प्रजाति है।
बरनावापारा में पुनर्स्थापन की सफलता
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार स्थित बरनावापारा वन्यजीव अभ्यारण्य में ब्लैक बक को पुनः बसाया गया है, जो राज्य के वन्यजीव संरक्षण प्रयासों की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

