CG News: छत्तीसगढ़ में दो नई ब्रॉडगेज रेल लाइनों का उद्घाटन, रावघाट-रायपुर और रायपुर-कुरुद के बीच शुरू हुई यात्री ट्रेन सेवा
CG News: छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. राज्य में ताड़ोकी-रावघाट और अभनपुर-कुरुद रेल खंडों का उद्घाटन किया गया है. इसके साथ ही रावघाट से रायपुर और रायपुर से कुरुद के बीच यात्री ट्रेन सेवाएं शुरू हो गई हैं. इन नई रेल सुविधाओं से बस्तर और आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोगों को आवागमन में सहूलियत मिलने की उम्मीद है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नए रेल खंडों का उद्घाटन कर ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई, जबकि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम में शामिल हुए. ये परियोजनाएं राज्य में चल रहे लगभग 57,000 करोड़ रुपये के रेलवे विकास कार्यों का हिस्सा हैं.

ताड़ोकी-रावघाट रेल लाइन से बस्तर की कनेक्टिविटी को बढ़ावा
ताड़ोकी-रावघाट के बीच 17.5 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन शुरू होने से 95 किलोमीटर लंबी दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना का शेष हिस्सा भी पूरा हो गया है. इससे पहले दल्लीराजहरा से ताड़ोकी तक 77.5 किलोमीटर के खंड पर रेल सेवाएं संचालित हो रही थीं. अब ताड़ोकी से रावघाट के बीच भी यात्री ट्रेन चलने लगी है. यह विद्युतीकृत सिंगल ब्रॉडगेज लाइन करीब 240 किलोमीटर लंबी दल्लीराजहरा-रावघाट-जगदलपुर रेल परियोजना का हिस्सा है.
भिलाई स्टील प्लांट तक लौह अयस्क पहुंचाना होगा आसान
नई रेल लाइन से बस्तर क्षेत्र में आवागमन के साथ-साथ औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. रावघाट की खदानों से दुर्ग जिले स्थित भिलाई स्टील प्लांट तक लौह अयस्क पहुंचाने में रेल मार्ग उपयोगी साबित होगा. इस परियोजना को छत्तीसगढ़ सरकार, एनएमडीसी (NMDC), स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) और भारतीय रेलवे मिलकर विकसित कर रहे हैं.
रेल कनेक्टिविटी बढ़ने से किसानों को अपनी उपज और व्यापारियों को सामान की ढुलाई में सुविधा मिल सकती है. इसके अलावा क्षेत्र के लोगों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार से जुड़े अवसरों तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है.

रायपुर-कुरुद ब्रॉडगेज लाइन से धमतरी तक विस्तार की तैयारी
रायपुर-धमतरी रेल मार्ग पर पहले नैरो गेज यानी छोटी रेल लाइन संचालित होती थी. अब अभनपुर से कुरुद तक ब्रॉडगेज लाइन शुरू कर दी गई है. इसके आगे धमतरी तक रेल लाइन के विस्तार का काम जारी है. इस बदलाव से क्षेत्र में रेल परिवहन को आधुनिक बनाने और यात्रियों की सुविधा बढ़ाने की दिशा में काम आगे बढ़ा है, रायपुर से रावघाट के बीच ट्रेन सेवा शुरू होना भी स्थानीय लोगों की पुरानी मांग रही है. अधिकारियों के अनुसार, नई रेल सुविधाओं से दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को लाभ मिल सकता है और स्थानीय व्यापार को भी प्रोत्साहन मिलेगा.

छत्तीसगढ़ में कई बड़ी रेल परियोजनाओं पर काम जारी
राज्य में रेल नेटवर्क के विस्तार के लिए कई अन्य परियोजनाएं भी प्रस्तावित हैं. इनमें परमलकसा-खरसिया कॉरिडोर, झारखंड को जोड़ने वाली 182 किलोमीटर लंबी अंबिकापुर-बरवाडीह रेल लाइन और रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन शामिल हैं. राज्य सरकार रावघाट-जगदलपुर परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है, रेल मंत्रालय के अनुसार, ताड़ोकी-रावघाट रेल लाइन रायपुर को दल्लीराजहरा के रास्ते रावघाट से जोड़ती है. भविष्य में इस रेल नेटवर्क को जगदलपुर, ओडिशा के कोरापुट और आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम तक विस्तारित करने की योजना है. इससे खनिज संपदा वाले क्षेत्रों और पूर्वी तटीय इलाकों के बीच संपर्क बेहतर हो सकता है.
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रायपुर में बनेगा मेंटेनेंस सेंटर
छत्तीसगढ़ में 32 रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से विकसित करने का काम किया जा रहा है. इनमें से आठ स्टेशनों का काम पूरा हो चुका है. इसके साथ ही राज्य में सभी रेलवे लाइनों का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण किया जा चुका है, जिससे इलेक्ट्रिक ट्रेनों के संचालन को बढ़ावा मिला है, रेलवे की योजना रायपुर में 9,000 हॉर्सपावर क्षमता वाले आधुनिक इलेक्ट्रिक इंजनों के रखरखाव के लिए नया मेंटेनेंस सेंटर स्थापित करने की भी है. मंत्रालय के अनुसार, ये इंजन अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हैं और भविष्य में इनके निर्यात की संभावनाओं पर भी काम किया जा सकता है.

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