CG News: छत्तीसगढ़ के बस्तर में दिव्यांग सहायता शिविर का समापन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश से नक्सलवाद खत्म होने की घोषणा की
CG News: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा जिले की पुलिस लाइन कारली में आयोजित तीन दिवसीय निशुल्क सहायता शिविर का आज सफलतापूर्वक समापन हो गया है, इस महत्वपूर्ण और मानवीय कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वर्चुअली जुड़कर मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, इस दौरान उनके साथ राज्य के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी शिविर स्थल पर विशेष रूप से मौजूद रहे, गृह मंत्री ने इस विशेष कार्यक्रम के दौरान बस्तर क्षेत्र के दूरदराज इलाकों से आए दिव्यांगजनों से सीधे संवाद किया और उनके जीवन को सुगम बनाने के लिए हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया.

देश से नक्सलवाद के खात्मे की ऐतिहासिक घोषणा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश के सामने एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक घोषणा की है, उन्होंने स्पष्ट शब्दों में देश को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के रूप में अपने 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में पूरे देश में सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है, इसी कड़ी में गृह मंत्री ने घोषणा की कि आगामी 31 मार्च 2026 की निर्धारित समयसीमा के तहत अब पूरे देश से नक्सलवाद का पूरी तरह से सफाया हो चुका है, उन्होंने कहा कि बस्तर जैसे सुदूर अंचल में दशकों तक चले नक्सलवाद ने गरीब आदिवासियों के जीवन को गहरी चोट पहुंचाई है, लेकिन अब केंद्र और राज्य सरकार के दृढ़ संकल्प से इस अभिशाप का अंत हो चुका है.
बस्तर में हजारों पीड़ितों को मिली बड़ी राहत
इस तीन दिवसीय सहायता शिविर के माध्यम से दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिलों के कुल 3600 से अधिक दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के मुताबिक आधुनिक कृत्रिम हाथ-पैर, ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर और श्रवण यंत्र जैसे उपयोगी सहायक उपकरण वितरित किए गए हैं, अकेले बस्तर संभाग में ही 1570 से ज्यादा लाभार्थी इस योजना से लाभान्वित हुए हैं, इनमें वे 22 लोग भी विशेष रूप से शामिल हैं जो नक्सल हिंसा के दौरान हुए खौफनाक आईईडी ब्लास्ट की चपेट में आकर दिव्यांग हो गए थे, इन सभी पीड़ितों को कृत्रिम अंग मिलने से अब उन्हें अपने रोजमर्रा के काम करने और आजीविका चलाने में बहुत बड़ी राहत मिलेगी.

नक्सलियों के लिए सरकार का पुनर्वास अभियान
केंद्रीय गृह मंत्री ने अपने संबोधन में यह भी आंकड़े साझा किए कि सरकार की नीतियों से प्रभावित होकर अब तक लगभग 8,526 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में वापसी करते हुए आत्मसमर्पण किया है, इन सभी आत्मसमर्पण करने वाले और मुख्यधारा से जुड़ने वाले लोगों के कल्याण के लिए सरकार द्वारा कई बड़े कदम उठाए गए हैं, जिसके तहत 7,500 नए बैंक खाते खोले गए हैं, 1,625 लोगों को प्रोत्साहन राशि और इनाम दिए गए हैं, 7,882 लोगों को विभिन्न योजनाओं की प्रोत्साहन राशि, 455 युवाओं को सरकारी नौकरियां तथा 129 लोगों को जमीन का आधिपत्य दिया गया है, इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कुल 4,014 पक्के मकान भी उपलब्ध कराए गए हैं.
हंसता-खेलता बस्तर बनाने का संकल्प
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि अब समय आ गया है कि नक्सलवाद की हर एक निशानी को पूरी तरह से मिटा दिया जाए, सरकार का मुख्य उद्देश्य बस्तर के कोने-कोने में विकास की रोशनी पहुंचाकर इसे एक बार फिर से हंसता और खेलता हुआ बस्तर बनाना है, उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि बस्तर से नक्सलवाद की इस ऐतिहासिक समाप्ति में वहां के स्थानीय जनजातीय समाज का अभूतपूर्व और महत्वपूर्ण योगदान रहा है, इस सफल शिविर के आयोजन से एक बार फिर साबित हो गया है कि प्रशासन और आम जनता के आपसी सहयोग से बस्तर अब शांति और विकास के नए रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है.

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