CG News: छत्तीसगढ़ की स्टार फुटबॉलर किरण पिस्दा की संघर्ष और सफलता की कहानी, भारत से क्रोएशिया तक का सफर
CG News: खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के सेमीफाइनल में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट के दौरान किरण ने गोलकीपिंग की जिम्मेदारी संभाली। अपने अनुभव और कठिनाइयों से सीख लेकर उन्होंने आत्मविश्वास के साथ खेल दिखाया।

शुरुआती समर्थन और प्रेरणा
किरण को स्कूल और परिवार से शुरुआती समर्थन मिला। उनके भाई गिरीश पिस्दा, जो खुद राष्ट्रीय खिलाड़ी हैं, हमेशा प्रेरणा बने। उन्होंने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर खेलने के मौके पाए, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा।
राष्ट्रीय शिविर और आत्म-सुधार का सफर
राष्ट्रीय शिविर में प्रारंभिक चयन न मिलने के बाद किरण ने अपनी फिटनेस, मानसिकता और पोज़िशनल समझ पर काम किया। मेंटर और कोच योगेश कुमार जांगड़ा ने इस दौर में उन्हें मार्गदर्शन दिया।
बहुमुखी प्रतिभा और घरेलू प्रदर्शन
किरण ने स्ट्राइकर, मिडफील्ड और फुल-बैक जैसी विभिन्न पोज़िशन्स पर खेलते हुए घरेलू क्लबों जैसे केरल ब्लास्टर्स में अपनी प्रतिभा दिखाई,किरण का फोकस इंडियन वुमेंस लीग में लगातार प्रदर्शन और राष्ट्रीय टीम में नियमित जगह बनाने पर है। उनका लक्ष्य बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भारत का प्रतिनिधित्व करना है।
अंतरराष्ट्रीय अनुभव और चुनौतियां
किरण ने भारत का प्रतिनिधित्व किया और क्रोएशियन महिला लीग में डिनामो ज़ाग्रेब के लिए खेली। एएफसी महिला एशियन कप में चयन न मिलने के बावजूद उन्होंने इसे और मेहनत करने की प्रेरणा माना, किरण का मानना है कि टीम का प्रदर्शन व्यक्तिगत खेल को प्रभावित करता है। जनजातीय पृष्ठभूमि से आने वाली खिलाड़ियों की चुनौतियों को समझते हुए वह खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स जैसे मंचों के महत्व को मानती हैं।
