CG News: बस्तर: प्रकृति और रोमांच का अद्भुत संगम, जानिए प्रमुख पर्यटक स्थल
CG News: छत्तीसगढ़ का बस्तर में किसी हॉलीवुड फिल्म के सेट जैसा महसूस होता है, यहाँ जंगलों की खुशबू, पहाड़ों पर बादलों का बसेरा और घाटियों में गूंजते झरनों की आवाज़ एक अलग सुकून की दुनिया में ले जाती है, बस्तर अब सिर्फ नक्शे पर नाम नहीं, बल्कि उन मुसाफिरों के लिए स्वर्ग बन चुका है जो रोमांच और शांति दोनों की तलाश में रहते हैं.
चित्रकोट जलप्रपात: भारत का नियाग्रा
इंद्रावती नदी जब 90 फीट की ऊंचाई से घोड़े की नाल के आकार में गिरती है, तो नजारा मंत्रमुग्ध कर देता है, सर्दियों में इसकी दूधिया धाराएं और प्राचीन गुफा में भोलेनाथ का प्राकृतिक जलाभिषेक एक आध्यात्मिक अनुभव देती हैं.

तीरथगढ़ जलप्रपात: पत्थरों पर नाचती लहरें
कांगेर घाटी नेशनल पार्क में स्थित यह झरना सीढ़ीनुमा बनावट के लिए मशहूर है, पानी धीरे-धीरे पत्थरों पर अटखेलियां करता हुआ गिरता है और ठंड के मौसम में सफेद मोतियों की माला जैसी चमक पैदा करता है.

धुड़मारास: दुनिया के नक्शे पर चमकता गाँव
UN ने बस्तर के धुड़मारास को दुनिया के 60 बेहतरीन गाँवों में शामिल किया है, यहाँ बैंबू राफ्टिंग और कयाकिंग का मज़ा लिया जा सकता है और होम-स्टे कल्चर आपको सीधे स्थानीय जीवन से जोड़ता है.

मट्टी मरका: बीजापुर का ‘मिनी गोवा’
इंद्रावती नदी के किनारे फैली सुनहरी रेत और विशाल पत्थरों के बीच बहता पानी आपको समंदर का अहसास देता है, यह पिकनिक और फोटोग्राफी के लिए बस्तर की सबसे बेहतरीन जगह है.

नीलम सरई: ट्रैकिंग प्रेमियों का ठिकाना
तीन ऊंची पहाड़ियों को पार कर पहुँचने वाला यह झरना ट्रैकिंग प्रेमियों के लिए किसी रोमांचक फिल्म का दृश्य जैसा है, 7 किमी की ट्रैकिंग के बाद झरने की ठंडी फुहारें पूरी थकान मिटा देती हैं.

नंबी जलधारा: 300 फीट ऊँचाई से गिरता रोमांच
बस्तर का सबसे ऊंचा झरना 300 फीट की ऊँचाई से गिरता है, घने जंगलों में स्थित यह स्थान एडवेंचर प्रेमियों के लिए खजाने से कम नहीं.

दोबे: पत्थरों का गाँव
नीलम सरई के पास यह जगह प्रकृति की अद्भुत कला का उदाहरण है, रात को चट्टानों की खोह में ठहरना पर्यटकों के लिए खास अनुभव बन चुका है.

लंका पल्ली: सालभर बहती जलधारा
बीजापुर का यह झरना बारह महीने पानी बहाने के लिए जाना जाता है, स्थानीय लोग इसे ‘बोक्ता’ कहते हैं, नाइट कैंपिंग के लिए यह आदर्श स्थान है.

इंचमपल्ली बांध: गोदावरी के किनारे इतिहास
गोदावरी नदी पर बने इस अधूरे बांध की विशाल दीवारें किसी ऐतिहासिक किले की याद दिलाती हैं, फोटोग्राफी के लिए यह एक शानदार बैकड्रॉप प्रदान करता है.

झारालावा जलप्रपात: विज्ञान की चुनौती
दंतेवाड़ा के जंगलों में स्थित यह झरना चुंबकीय प्रभाव की वजह से इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस प्रभावित कर सकता है, यहाँ तक पहुँचने का रास्ता एडवेंचर से भरा है.

मिचनार हिल टॉप: बादलों से बात
जगदलपुर के पास यह पहाड़ी ऊंचाई प्रेमियों के लिए आदर्श है, टॉप से बिछी हरियाली और खाइयाँ एक अलग ही दुनिया का अनुभव कराती हैं.

हांदावाड़ा: असली ‘बाहुबली’ जलप्रपात
नारायणपुर और दंतेवाड़ा की सीमा पर स्थित यह झरना विशालता और सुंदरता के कारण ‘बाहुबली’ कहलाता है, पुल बनने के बाद यहाँ पहुँचना पहले से आसान हो गया है.

ढोलकल शिखर: गणपति की आस्था
3000 फीट ऊंचाई पर स्थित भगवान गणेश की प्रतिमा पर्यटकों और श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है, घने जंगल और पहाड़ इसे आध्यात्मिक अनुभव बनाते हैं.

बस्तर की यात्रा: आराम और कनेक्टिविटी
आज बस्तर पहुँचना उतना ही आसान है, जितना किसी बड़े हिल स्टेशन पर, जगदलपुर, दंतेवाड़ा और बीजापुर में बेहतरीन होटल और रिसॉर्ट्स मौजूद हैं.




