CG News: कर्रेगुट्टा हिल्स की 5000 फीट ऊंचाई पर फहराया परचम, गूँजा ‘जय हिंद’ का नारा
CG News: साल 2026 का गणतंत्र दिवस बीजापुर के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया है, कभी नक्सलियों का अभेद्य किला माने जाने वाले कर्रेगुट्टा हिल्स की करीब 5000 फीट की दुर्गम ऊंचाई पर, सुरक्षाबलों ने नवीन कैंप स्थापित कर पूरे सम्मान के साथ राष्ट्रध्वज फहराया, यह आयोजन बस्तर में बदलते सुरक्षा परिदृश्य और लोकतंत्र की जीत का सबसे बड़ा प्रमाण बनकर उभरा है.
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कड़े संघर्ष के बाद मिली बड़ी कामयाबी
जिस कर्रेगुट्टा हिल्स पर आज तिरंगा लहरा रहा है, वहाँ पहुँचने का रास्ता आसान नहीं था, सुरक्षाबलों ने पिछले एक महीने तक इस इलाके में नक्सलियों के खिलाफ निरंतर ऑपरेशन चलाया, कड़ी चुनौतियों और बाधाओं को पार करने के बाद यहाँ नवीन सुरक्षा कैंप स्थापित किया गया, जिसके बाद आज 77वें गणतंत्र दिवस पर पहली बार यहाँ राजकीय सम्मान के साथ ध्वजारोहण संभव हो पाया.
नारों से गूँजा ‘लाल आतंक’ का इलाका
इस बार उत्सव केवल कैंप के भीतर सीमित नहीं रहा, नवीन स्थापित कैंपों के आसपास के गांवों में स्कूली बच्चों और स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर प्रभात फेरी निकाली, “वंदे मातरम” और “जय हिंद” के गगनभेदी नारों ने उन जंगलों को गुंजायमान कर दिया, जहाँ कभी बंदूकों की गूँज सुनाई देती थी, यह दृश्य सुरक्षा बलों और जनता के बीच बढ़ते विश्वास का प्रतीक है.
जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने दी सलामी
गणतंत्र दिवस के इस गौरवशाली अवसर पर एक अनोखा मेल देखने को मिला, सुरक्षाबलों के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्रामीण और छोटे-छोटे स्कूली बच्चे तिरंगे के नीचे एकजुट हुए, ग्रामीणों ने सुरक्षाबलों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर ध्वजारोहण किया, जो इस बात का संकेत है कि, अब अंदरूनी इलाकों के लोग विकास और शांति की मुख्यधारा से जुड़ने को बेताब हैं.
शांति और विश्वास के नए युग का उदय
कर्रेगुट्टा हिल्स जैसी दुर्गम चोटियों पर तिरंगे का फहराना केवल एक रस्म नहीं, बल्कि यह संदेश है कि, लोकतंत्र की जड़ें अब बीजापुर के सबसे सुदूर इलाकों में भी मजबूत हो चुकी हैं, भय और अस्थिरता का स्थान अब शांति और सुरक्षा ने ले लिया है, यह आयोजन बीजापुर के उन हजारों परिवारों के लिए उम्मीद की एक नई किरण है, जो दशकों से आतंक के साये में जी रहे थे.



