CG News: कांकेर प्रशासन की अनूठी पहल, परेड और ‘बॉर्डर-2’ देख खिले आत्मसमर्पितों के चेहरे
CG News: समाज की मुख्यधारा से टूटे हुए लोगों को फिर से जोड़ने की दिशा में कांकेर जिला प्रशासन ने एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही है, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में जिले के 55 आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए इस बार का गणतंत्र दिवस खुशियों की एक नई सौगात लेकर आया.

बंदूक छोड़ अब समाज से जुड़ने की बारी
नक्सलवाद का अंधेरा रास्ता छोड़ चुके 55 पूर्व नक्सलियों के लिए प्रशासन ने एक विशेष अनुभव की योजना बनाई, उन्हें न केवल गणतंत्र दिवस के भव्य राजकीय समारोह में शामिल होने का मौका मिला, बल्कि पहली बार उन्होंने परेड की गूँज और तिरंगे के सम्मान को करीब से महसूस किया, इस पहल का मूल उद्देश्य इन व्यक्तियों को आधुनिक जीवनशैली से परिचित कराना और उनमें देशप्रेम की भावना को जाग्रत करना था.

सिनेमा के पर्दे पर देखी ‘बॉर्डर-02’
परेड के गौरवशाली दृश्यों के बाद, प्रशासन ने सभी प्रतिभागियों को शहर के ‘सिटी सेंटर मॉल’ ले जाकर देशभक्ति फिल्म “बॉर्डर-02” दिखाई, सिनेमा हॉल का आधुनिक वातावरण और बड़े पर्दे पर जवानों के शौर्य की गाथा ने उनके दिलों में गहरा प्रभाव डाला, कई प्रतिभागियों के लिए यह मॉल और थिएटर का पहला अनुभव था, जो उनके पुनर्वास की प्रक्रिया में एक सकारात्मक मोड़ साबित हुआ.
प्रशासन की मानवीय सोच की चहुंओर प्रशंसा
कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक की इस समावेशी और मानवीय सोच ने यह स्पष्ट कर दिया है कि, प्रशासन केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि वह भटके हुए लोगों को गले लगाने और उन्हें सम्मानजनक जीवन देने के लिए भी तत्पर है, इस आयोजन ने आत्मसमर्पित नक्सलियों के मन में शासन और समाज के प्रति विश्वास को और मजबूत किया है.
शांतिपूर्ण और सम्मानजनक जीवन का वादा
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों के चेहरों पर एक नई चमक और उत्साह दिखाई दिया, उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि, इस अनुभव ने उन्हें मुख्यधारा में लौटने के अपने फैसले पर गर्व महसूस कराया है, सभी ने भविष्य में समाज के साथ मिलकर कंधे से कंधा मिलाकर चलने और एक शांतिपूर्ण जीवन जीने का संकल्प लिया.



