CG News: रायपुर को मिला पहला पुलिस कमिश्नर, आधे जिले में लागू हुई कमिश्नरी व्यवस्था
CG News: रायपुर में पुलिस कमिश्नरी व्यवस्था लागू होते ही प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव देखने को मिला है, सरकार ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादले करते हुए रायपुर के लिए नया पुलिस सेटअप तैयार किया है, इस बदलाव के साथ शहर की पुलिसिंग अब दो अलग-अलग ढांचों में संचालित होगी.
पहले पुलिस कमिश्नर बने संजीव शुक्ला
बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी संजीव शुक्ला को रायपुर का पहला पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है, वे इससे पहले आईजी, बिलासपुर रेंज के पद पर पदस्थ थे, संजीव शुक्ला ने रायपुर पुलिस कमिश्नर का कार्यभार संभाल लिया है.

IPS अधिकारियों का बड़ा तबादला
कमिश्नरी लागू होने के साथ ही कई वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले किए गए हैं,
• श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा को रायपुर ग्रामीण की SP बनाया गया है,
• अमित तुकाराम कांबले (IPS-2009) को कांकेर से अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, रायपुर नगरीय नियुक्त किया गया,
• रायपुर SSP डॉ. लाल उमेद सिंह को जशपुर भेजा गया,
• जशपुर SSP शशिमोहन सिंह को रायगढ़ की जिम्मेदारी दी गई.
रेंज स्तर पर भी बदलाव
• रामगोपाल गर्ग (IPS-2007) बने आईजी, बिलासपुर रेंज,
• अभिषेक शांडिल्य (IPS-2007) को दुर्ग रेंज आईजी बनाया गया,
• बालाजी राव सोमावर (IPS-2007) को आईजी, राजनांदगांव रेंज नियुक्त किया गया,
इसके अलावा 24 अन्य पुलिस अधिकारियों के भी तबादले किए गए हैं.
/bansal-news/media/media_files/2025/12/10/cg-police-2025-12-10-03-56-29.jpg)
रायपुर कमिश्नरी में DCP की नियुक्तियां
नगरीय पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए DCP स्तर पर अहम पदस्थापन किए गए हैं,
• उमेश प्रसाद गुप्ता (IPS-2020) – DCP मध्य रायपुर
• संदीप पटेल – DCP पश्चिम रायपुर
• मयंक गुर्जर – DCP उत्तर रायपुर
• विकास कुमार (IPS-2020) – DCP ट्रैफिक एवं प्रोटोकॉल
• राजनाला स्मृतिक (IPS-2020) – DCP क्राइम व साइबर
• ईशु अग्रवाल (IPS-2022) – सहायक पुलिस आयुक्त, आजाद चौक
भोपाल-इंदौर मॉडल पर फैसला
रायपुर जिले के 21 थाने पुलिस कमिश्नर के अधीन होंगे, जबकि 12 थाने SP सिस्टम के तहत संचालित होंगे, गृह विभाग ने इसे लेकर आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है, शुरुआत में पूरे जिले में कमिश्नरी लागू करने की चर्चा थी, लेकिन बाद में भोपाल-इंदौर मॉडल की तर्ज पर इसे आधे जिले तक सीमित कर दिया गया, इस फैसले को लेकर IPS और IAS लॉबी के बीच मतभेद भी सामने आए.
IPS लॉबी की आपत्ति
IPS अधिकारियों का कहना है कि, अधूरे कमिश्नरी सिस्टम के कारण
• दो अलग-अलग पुलिस स्ट्रक्चर बनाने पड़ेंगे
• मैनपावर और संसाधनों की कमी होगी
• जिले पर दो अधिकारियों का कंट्रोल रहेगा
उनका मानना है कि, इससे कमिश्नरी व्यवस्था सिर्फ औपचारिकता बनकर रह जाएगी.
सीमाओं के बंटवारे पर विवाद
अधिकारियों के अनुसार थाना क्षेत्रों का बंटवारा मनमाने ढंग से किया गया है, ग्रामीण क्षेत्र होने के बावजूद उरला को कमिश्नरी में शामिल किया गया, जबकि मुजगहन समेत 10 थानों को ग्रामीण पुलिस में रखा गया है, एडीजी प्रदीप गुप्ता की अध्यक्षता वाली कमेटी ने पूरे रायपुर जिले में कमिश्नरी सिस्टम लागू करने की अनुशंसा की थी, कमेटी ने भुवनेश्वर मॉडल अपनाने का सुझाव दिया था, लेकिन इस रिपोर्ट पर अब तक कोई चर्चा नहीं हुई.
स्टाफ की भारी कमी
रायपुर के एक थाने में जहां 75 पुलिसकर्मियों की जरूरत है, वहां औसतन सिर्फ 30 से 35 जवान तैनात हैं, कमिश्नरी लागू होने से बल का और बंटवारा होगा, जिससे फील्ड पुलिसिंग प्रभावित होने की आशंका है, रायपुर जिले में कुल मिलाकर 7500 से ज्यादा पुलिस बल की आवश्यकता बताई जा रही है.




