CG News: छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा में ऐतिहासिक विस्तार, उपलब्धियां और भविष्य की कार्ययोजना
CG News: उच्च शिक्षा मंत्री ने 06 जनवरी 2026 को आयोजित पत्रवार्ता में विभाग की प्रमुख उपलब्धियों और आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना की जानकारी दी, उन्होंने बताया कि, छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण, रोजगारोन्मुखी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं.

बजट में 50 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि
वर्ष 2023-24 में उच्च शिक्षा विभाग का बजट 1212.75 करोड़ रुपये था, जिसे वर्ष 2025-26 में बढ़ाकर 1822.75 करोड़ रुपये किया गया है, यह लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि है, जिससे अधोसंरचना, शैक्षणिक गुणवत्ता और मानव संसाधन को मजबूती मिली है.
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का प्रभावी क्रियान्वयन
सत्र 2024-25 से प्रदेश के 9 में से 7 राजकीय विश्वविद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू की गई है, इसके तहत स्किल आधारित, जेनेरिक इलेक्टिव और एबिलिटी एन्हांसमेंट सहित कुल 150 से अधिक नए पाठ्यक्रम विकसित किए गए हैं, भारतीय ज्ञान परंपरा को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है.
पदोन्नति और भर्ती से मजबूत हुआ शैक्षणिक ढांचा
वर्ष 2025 में 366 सहायक प्राध्यापकों को पदोन्नत किया गया, साथ ही 151 स्नातक एवं 7 स्नातकोत्तर प्राचार्यों को पदोन्नति दी गई, प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में सैकड़ों पदों पर सीधी भर्ती एवं नियुक्तियां प्रक्रियाधीन हैं, जिससे शिक्षण व्यवस्था और सुदृढ़ हुई है.
विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और सकल नामांकन
सत्र 2024-25 में शासकीय महाविद्यालयों में लगभग 2.96 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, वर्तमान सकल नामांकन अनुपात 27.5 प्रतिशत है, जिसे वर्ष 2035 तक 50 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, इसके लिए पोषक शाला संपर्क अभियान चलाया जा रहा है.
नए महाविद्यालय और नैक में उल्लेखनीय उपलब्धि
प्रदेश में 8 नए शासकीय एवं 11 नए अशासकीय महाविद्यालय प्रारंभ किए गए हैं, 200 से अधिक महाविद्यालयों और 5 विश्वविद्यालयों का नैक मूल्यांकन पूर्ण हो चुका है, कई संस्थानों को ए++ और ए+ ग्रेड प्राप्त हुआ है, जो शैक्षणिक गुणवत्ता का प्रमाण है.
पीएम-उषा और शोध-नवाचार को बढ़ावा
पीएम-उषा योजना के तहत बस्तर विश्वविद्यालय को 100 करोड़ और अन्य विश्वविद्यालयों को करोड़ों रुपये का अनुदान स्वीकृत किया गया है, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, रिसर्च एवं इनोवेशन योजनाओं से शोध गतिविधियों को प्रोत्साहन मिल रहा है.
डिजिटल और पारदर्शी प्रशासन
उच्च शिक्षा विभाग में ई-ऑफिस प्रणाली लागू की गई है, छात्रवृत्ति वितरण पोर्टल के माध्यम से किया जा रहा है, स्वयम्, नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म से विद्यार्थियों को ऑनलाइन अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है.
आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना
आने वाले तीन वर्षों में गुड गवर्नेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्री कनेक्ट पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, कौशल विकास, प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस, रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम, इंडस्ट्री-अकादमिक सहयोग और चार वर्षीय बी.एड./आईटीईपी जैसे नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे।
विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में मजबूत कदम
उच्च शिक्षा विभाग की यह कार्ययोजना प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल और रोजगार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को साकार करेगी.




