CG News: साय सरकार की नई कृषि क्रांति, प्रेशर इरिगेशन नेटवर्क (PIN) से किसानों को लाभ
CG News: छत्तीसगढ़ एक कृषि प्रधान राज्य है, जहाँ की अर्थव्यवस्था और सामाजिक संरचना का आधार खेती और किसान हैं, वर्तमान में अधिकांश सिंचाई खुली नहर प्रणाली पर आधारित है, इसमें पानी का लगभग 65 प्रतिशत हिस्सा रिसाव, वाष्पीकरण और अनियंत्रित बहाव के कारण खेतों तक पहुँचने से पहले ही खो जाता है, परिणामस्वरूप, टेल-एंड क्षेत्रों तक पानी नहीं पहुँचता, किसान असमान सिंचाई से जूझते हैं और जल स्रोतों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है.
प्रेशर इरिगेशन नेटवर्क (PIN) क्या है?
प्रेशर इरिगेशन नेटवर्क एक पाइपलाइन आधारित सिंचाई प्रणाली है, जिसमें पानी को नियंत्रित दबाव के साथ सीधे खेतों तक पहुँचाया जाता है,
• रिसाव शून्य
• वाष्पीकरण नगण्य
• समान जल आपूर्ति
इस तकनीक से सिंचाई दक्षता 65% से अधिक तक बढ़ जाती है और किसानों की फसल उत्पादकता में सुधार होता है.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल
मुख्यमंत्री ने भोपाल के मध्य प्रदेश मॉडल को देखकर PIN तकनीक के महत्व को समझा और कहा कि,कम पानी में अधिक सिंचाई ही भविष्य की आवश्यकता है,
छत्तीसगढ़ में PIN तकनीक का चरणबद्ध क्रियान्वयन किया जाएगा पहले परीक्षण, फिर विस्तार, और अंततः राज्यव्यापी कार्यान्वयन.
PIN तकनीक के बहुआयामी लाभ
1. जल संरक्षण – कम पानी में अधिक क्षेत्र की सिंचाई संभव,
2. किसानों की आय में वृद्धि – बेहतर जल प्रबंधन से फसल उत्पादकता बढ़ती है,
3. कम भूमि अधिग्रहण – पाइपलाइन प्रणाली में भूमि की जरूरत न्यूनतम,
4. ऊर्जा की बचत – उच्च पंपिंग दक्षता से बिजली की खपत कम,
5. तेज और पारदर्शी क्रियान्वयन – कम संरचनात्मक निर्माण, समय पर परियोजना पूर्ण.
साय सरकार का किसान-केंद्रित दृष्टिकोण
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कहना है कि, कृषि विकास केवल योजनाओं से नहीं, बल्कि सही तकनीक और समयबद्ध निर्णयों से संभव है, इस तकनीक से छत्तीसगढ़ के किसानों, जल संसाधनों और पर्यावरण तीनों को लाभ मिलेगा.
कृषि भविष्य का ऐतिहासिक मोड़
PIN तकनीक छत्तीसगढ़ के कृषि भविष्य का ऐतिहासिक मोड़ साबित होगी, यह केवल आधुनिक सिंचाई प्रणाली नहीं, बल्कि जल-सुरक्षित, समृद्ध और किसान-केंद्रित कृषि विकास का संदेश है.



