CG News: कांगेर घाटी में अनोखी ‘ग्रीन गुफा’ खोजी गई, बस्तर पर्यटन को मिलेगा नया आकर्षण
CG News: वन विभाग के अनुसार, यह गुफा कोटुमसर परिसर के कंपार्टमेंट क्रमांक 85 में स्थित है, चूना पत्थर और शैल से बनी इस गुफा की दीवारों और छत पर हरी सूक्ष्मजीवी परतें पाई जाती हैं, इन्हीं कारणों से इसे ‘ग्रीन गुफा’ कहा जा रहा है, विशेषज्ञ इसे कांगेर घाटी की दुर्लभ और विशिष्ट गुफाओं में शामिल मानते हैं.

अंदर का दृश्य है मनमोहक
ग्रीन गुफा तक पहुंचने का रास्ता घने जंगलों और बड़े पत्थरों के बीच से गुजरता है, गुफा में प्रवेश करते ही हरी परतों से ढकी दीवारें पर्यटकों का ध्यान खींचती हैं, विशाल कक्ष में चमकदार स्टैलेक्टाइट्स, स्टैलेग्माइट्स और फ्लो-स्टोन संरचनाएं देखने को मिलती हैं, जो इसकी प्राकृतिक भव्यता को और बढ़ाती हैं.
पर्यटन मानचित्र में शामिल करने की तैयारी
राज्य सरकार गुफा को पर्यटन मानचित्र में शामिल करने की योजना बना रही है, इससे कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर गाइड, परिवहन, होम-स्टे और अन्य सेवाओं से जुड़े रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे.
जल्द खुलेगी पर्यटकों के लिए
वन विभाग द्वारा गुफा की सुरक्षा और नियमित निगरानी की जा रही है, पहुंच मार्ग, पैदल पथ और आधारभूत संरचनाओं के विकास का कार्य तेजी से चल रहा है, सभी तैयारियों के पूरा होने के बाद ग्रीन गुफा को आम पर्यटकों के लिए खोला जाएगा.
बस्तर पर्यटन को नया मुकाम
विशेषज्ञों का मानना है कि, यह अनोखी गुफा कांगेर घाटी का प्रमुख आकर्षण बन सकती है, ग्रीन गुफा छत्तीसगढ़ को इको-टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म के राष्ट्रीय मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाएगी.




