CG News: जनजातीय गौरव का उत्सव, CM साय ने किया गैंदसिंह नायक की प्रतिमा का अनावरण
CG News: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि, छत्तीसगढ़ का जनजातीय इतिहास केवल समृद्ध ही नहीं, बल्कि साहस, बलिदान और आत्मसम्मान से भरा हुआ है, यह विरासत हमें अपनी जड़ों पर गर्व करना और अन्याय के खिलाफ मजबूती से खड़े होना सिखाती है, मुख्यमंत्री ने यह बातें राजनांदगांव जिले के गोड़लवाही में आयोजित अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही.

गैंदसिंह नायक की प्रतिमा का अनावरण
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने शहीद शिरोमणि गैंदसिंह नायक की प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की, कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और सांसद संतोष पाण्डेय विशेष रूप से उपस्थित रहे, कार्यक्रम को पूर्व मंत्री महेश गागड़ा और अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज के डॉ. देवेन्द्र माहला ने भी संबोधित किया, इस अवसर पर छत्तीसगढ़ कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुरेश चन्द्रवंशी, पंचायत प्रतिनिधि, सामाजिक बंधु और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे.
शिक्षा और अधोसंरचना को मिली नई सौगात
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान 1.21 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित हायर सेकेंडरी स्कूल भवन और 1.52 करोड़ रुपये की लागत से बने 50-सीटर प्री-मैट्रिक छात्रावास भवन का लोकार्पण किया, साथ हीं गोड़लवाही से उमरवाही और उमरवाही से करमरी तक सड़क चौड़ीकरण, नवीन महाविद्यालय की स्थापना, स्कूल परिसर में बाउंड्रीवाल और अटल समरसता भवन निर्माण की घोषणा की.

योजनाओं से लाभान्वित हुए हितग्राही
कार्यक्रम में स्वामित्व योजना के तहत हितग्राहियों को अधिकार पत्र वितरित किए गए और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत महिलाओं को गैस कनेक्शन प्रदान किए गए, मुख्यमंत्री साय ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की गई है, डबल इंजन सरकार के चलते नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को नई गति मिली है, उन्होंने कहा कि, मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद के खात्मे के लक्ष्य की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है.
नियद नेल्ला नार योजना से बदले गांव
मुख्यमंत्री ने बताया कि, नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से 400 से अधिक गांवों को शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पानी और अन्य अधोसंरचनात्मक सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है, आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए भी प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं.
डिजिटल संग्रहालय से मिलेगा इतिहास का दर्शन
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि, राज्य स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री द्वारा जनजातीय समाज के महानायकों को समर्पित भव्य डिजिटल संग्रहालय का लोकार्पण किया गया है, इस संग्रहालय में अंग्रेजों के खिलाफ हुए 14 बड़े जनजातीय विद्रोहों का सचित्र चित्रण किया गया है और सभी नागरिकों से इसे देखने का आग्रह किया.
जनजातीय समाज के लिए विशेष योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि, महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को हर माह 1000 रुपये की सहायता दी जा रही है, तेंदूपत्ता संग्रहण दर को 4000 से बढ़ाकर 5500 रुपये प्रति बोरा किया गया है, जिससे 13 लाख परिवारों को लाभ मिल रहा है, श्री रामलला दर्शन योजना से 38 हजार बुजुर्ग लाभान्वित हुए हैं.
जनजातीय नायकों के योगदान को किया याद
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि, शहीद गैंदसिंह नायक ने परलकोट से अंग्रेजों के खिलाफ आजादी की मशाल जलाई, सांसद संतोष पाण्डेय ने कहा कि बिरसा मुंडा, वीर नारायण सिंह, गुंडाधुर, सुरेंद्र साय और तिलक मांझी जैसे नायकों ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया.




