CG News: छत्तीसगढ़ में सुशासन का नया अध्याय, CM साय ने 10 प्रशासनिक नवाचारों को किया सम्मानित
CG News: छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक सुधार और नवाचार को नई पहचान देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025–26 की घोषणा की, यह पुरस्कार उन जिलों और विभागों को प्रदान किए जाएंगे, जिनके नवाचारों ने शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाया है.
नवाचार को शासन के केंद्र में रखने का संदेश
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि, ये पुरस्कार इस बात का प्रमाण हैं कि, राज्य शासन अब प्रशासन की गुणवत्ता को केवल योजनाओं या व्यय से नहीं, बल्कि उनके वास्तविक और मापनीय प्रभाव से आंक रहा है, नवाचार, तकनीक और संवेदनशीलता को जोड़कर सार्वजनिक सेवा को सशक्त बनाया जा रहा है.
सुशासन दिवस पर विजेताओं की घोषणा
अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर मनाए जा रहे सुशासन दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार के विजेताओं की घोषणा की गई, मुख्यमंत्री ने कहा कि, सुशासन केवल नीतियों से नहीं, बल्कि निरंतर नवाचारों से साकार होता है.

चयन की पारदर्शी और बहु-स्तरीय प्रक्रिया
मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार के लिए इस वर्ष कुल 312 नवाचार प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें 275 जिला स्तर से और 37 राज्य स्तरीय विभागों से थे, दो-स्तरीय चयन प्रक्रिया के तहत पहले 55 नवाचार शॉर्टलिस्ट हुए, फिर 13 फाइनलिस्ट चुने गए और अंततः 10 नवाचारों को विजेता घोषित किया गया.
परिणाम-आधारित मूल्यांकन मॉडल
मूल्यांकन में परिणामों को 50 अंक, विस्तार-योग्यता को 40 अंक और नवाचार को 10 अंक का भार दिया गया, इससे यह सुनिश्चित किया गया कि पुरस्कार केवल विचारों के लिए नहीं, बल्कि ज़मीनी स्तर पर प्रभाव डालने वाले समाधानों को मिले.
जिला श्रेणी के प्रमुख नवाचार
दंतेवाड़ा जिले की ब्लॉकचेन आधारित भूमि अभिलेख डिजिटलीकरण पहल ने भूमि रिकॉर्ड प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव किया, वहीं जशपुर की निर्माण जशपुर योजना ने डिजिटल मॉनिटरिंग के जरिए बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को गति दी.
स्वास्थ्य, सुरक्षा और पर्यावरण में नवाचार
मोहला–मानपुर–अंबागढ़ चौकी का संवर्धित टेक-होम राशन मॉडल कुपोषण से लड़ने में सफल रहा, गरियाबंद की हाथी ट्रैकिंग एवं अलर्ट ऐप ने मानव-वन्यजीव संघर्ष को लगभग समाप्त किया, जबकि नारायणपुर का इंटिफाई इंटेलिजेंस टूल आंतरिक सुरक्षा में प्रभावी साबित हुआ.
विभागीय श्रेणी के उत्कृष्ट मॉडल
शिक्षा विभाग का विद्या समीक्षा केंद्र शिक्षा शासन को डेटा-आधारित बना रहा है, उद्योग विभाग का वन-क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम निवेश सुगमता बढ़ा रहा है, वाणिज्य कर विभाग की ई-गवर्नेंस पहल से राजस्व संग्रह में मजबूती आई है.
डिजिटल भुगतान और पारदर्शिता की मिसाल
वन विभाग की FDS 2.0 ई-कुबेर प्रणाली से दूरस्थ क्षेत्रों में भी पारदर्शी भुगतान संभव हुआ, वहीं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की QR कोड आधारित मनरेगा सूचना प्रणाली ने ग्रामीणों को सीधे योजना जानकारी उपलब्ध कराई.
भविष्य-उन्मुख शासन की नींव
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि, ये नवाचार केवल व्यक्तिगत उपलब्धियाँ नहीं, बल्कि पूरे शासन तंत्र के लिए अनुकरणीय मॉडल हैं, पुरस्कार विजेता अधिकारी और टीमें नेतृत्व विकास कार्यक्रम में भाग लेंगी, जिससे ये नवाचार भविष्य के प्रशासनिक मानक बन सकें.
नवाचार से मजबूत होगा जनविश्वास
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि, छत्तीसगढ़ शासन नागरिकों को समयबद्ध, पारदर्शी और परिणाम-उन्मुख सेवाएं देने के लिए नवाचार को निरंतर प्रोत्साहित करता रहेगा, यही दृष्टिकोण राज्य को सुशासन और जनकल्याण का राष्ट्रीय मॉडल बनाएगा.



