CG News: छत्तीसगढ़ सरकार ने बदली जमीन गाइडलाइन, इंक्रीमेंटल मूल्यांकन समाप्त
CG News: छत्तीसगढ़ सरकार ने हाल ही में बढ़ाई गई जमीन गाइडलाइन दरों को लेकर उठे राजनीतिक और सामाजिक विरोध को देखते हुए मूल्यांकन नियमों में बड़े बदलाव किए हैं, पंजीयन विभाग ने नई गाइडलाइन जारी करते हुए कई प्रावधानों का पुनरीक्षण किया है, जिलों को 31 दिसंबर 2024 तक संशोधित प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए हैं.
बैठक के बाद जारी नई गाइडलाइन
महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक विभाग ने केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक के बाद 6 प्रमुख बदलावों वाली संशोधित गाइडलाइन लागू की है, इसका उद्देश्य जमीन की वास्तविक बाजार दर तय करना और आम जनता, व्यापारियों और फ्लैट खरीदारों को राहत देना है.
इंक्रीमेंटल आधार पर मूल्यांकन खत्म
नगरीय क्षेत्रों में अब भूखंड का मूल्य इंक्रीमेंटल आधार पर नहीं तय होगा, पहले 1400 वर्गमीटर तक लागू रहने वाला सिस्टम हटाया गया है, अब पुनः पुराने स्लैब लागू होंगे, जिसमें नगर निगम क्षेत्र 50 डेसिमल, नगर पालिका 37.5 डेसिमल और नगर पंचायत 25 डेसिमल.
मूल्यांकन अब ‘बिल्ट-अप एरिया’ से
फ्लैट व दुकानों का मूल्यांकन अब सुपर बिल्ट-अप की जगह केवल बिल्ट-अप एरिया के आधार पर होगा, मध्यप्रदेश काल से चल रही पुरानी व्यवस्था समाप्त कर दी गई है, इससे वर्टिकल डेवलपमेंट को बढ़ावा मिलेगा और खरीदारों को राहत मिलेगी.
मंज़िल के आधार पर दरों में राहत
अब ऊपरी तल पर बने फ्लैटों की दरें कम होंगी बेसमेंट/पहली मंज़िल में 10% की कमी, दूसरी मंज़िल और ऊपरी मंजिल में 20% की कमी, इससे आम और मध्यम वर्ग के लिए फ्लैट खरीदना अब अधिक किफायती होगा.
20 मीटर दूरी के बाद दरों में 25% कमी
मुख्य सड़क से 20 मीटर दूर स्थित दुकानों की कीमत पर 25% राहत दी जाएगी, 20 मीटर की दूरी की गणना कॉम्प्लेक्स के मुख्य मार्ग की ओर से बने हिस्से से होगी, इससे छोटे व्यापारियों और दूर स्थित दुकानों को लाभ मिलेगा.
केंद्रीय बोर्ड लेगा अंतिम निर्णय
पहले सिर्फ प्रस्ताव भेजे जाते थे, अब केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड उन पर विस्तृत विश्लेषण करेगा और वास्तविक बाजार दरों के अनुरूप निर्णय लेगा, जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि, हालिया बढ़ी दरों पर आए आपत्तियों, सुझावों और ज्ञापनों का परीक्षण करें और 31 दिसंबर तक संशोधित प्रस्ताव भेजें.




