CG News: छत्तीसगढ़ में रेल विकास की रफ्तार तेज, CM साय की रेल मंत्री से अहम मुलाकात
CG News: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से सौजन्य भेंट कर राज्य में रेल सुविधाओं के विस्तार, चल रहे प्रोजेक्ट्स की प्रगति और नई परियोजनाओं को समयबद्ध पूरा करने पर विस्तृत बातचीत की, मुख्यमंत्री ने आग्रह किया कि, स्वीकृत सभी परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जाए, ताकि नागरिकों और उद्योग जगत को बेहतर व सुरक्षित परिवहन सुविधाएँ मिल सकें.
रेलवे मंत्रालय और राज्य सरकार का संयुक्त संकल्प
रेल मंत्री वैष्णव ने मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत सभी बिंदुओं का स्वागत किया और आश्वासन दिया कि, रेलवे मंत्रालय छत्तीसगढ़ में कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए पूर्ण रूप से क्रियाशील है, इस बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत और वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार भी उपस्थित रहे.
डबल इंजन सरकार में अभूतपूर्व रेल विकास
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेल विकास एक नए स्वर्णिम युग में प्रवेश कर चुका है, रायपुर–जबलपुर एक्सप्रेस जैसे नए मार्गों ने पर्यटन, व्यापार और शिक्षा को नई दिशा दी है, उन्होंने बताया कि, 2014 से 2030 के बीच राज्य में रेल लाइन दोगुनी हो जाएगी.
बजट में रिकॉर्ड वृद्धि और बड़े प्रोजेक्ट्स
पिछले दस वर्षों में छत्तीसगढ़ के रेल बजट में 22 गुना वृद्धि हुई है, वर्ष 2025–26 में रिकॉर्ड 6,925 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, राज्य में 47,447 करोड़ रुपये से अधिक की बड़ी रेल परियोजनाएँ तेजी से आगे बढ़ रही हैं, जिनमें खरसिया–नवा रायपुर–परमालकसा, गेवरा–पेंड्रा, रावघाट–जगदलपुर, खरसिया–धरमजयगढ़, बिलासपुर–झारसुगुड़ा चौथी लाइन, अमृत भारत स्टेशन योजना से आधुनिक स्टेशन शामिल हैं, अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग सहित 32 रेलवे स्टेशनों के आधुनिक पुनर्विकास का कार्य गति में है, इससे यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएँ उपलब्ध होंगी.
छत्तीसगढ़ महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर में शामिल
मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री मोदी और रेल मंत्री वैष्णव के प्रति छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की ओर से आभार व्यक्त किया, उन्होंने कहा कि, आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ देश के सबसे महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर वाले राज्यों में शामिल होगा, जिससे औद्योगिक, आर्थिक, सामाजिक और पर्यटन विकास में नई ऊर्जा मिलेगी.



