CG News : पानी से फैला पीलिया संक्रमण 500 छात्र प्रभावित, 1 छात्रा की हुई मौत
CG News : छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के रघुनाथनगर स्थित स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में 7 वीं कक्षा पढ़ रही छात्रा को इलाज के लिए रायपुर ले जा रहे थे, रस्ते में ही छात्रा की मौत हो गई, घटना के बाद क्षेत्र में शोक और गुस्से का माहौल है.
जानिए छात्रा की मौत की वजह
जानकारी के अनुसार, छात्रा की मौत पीलिया की वजह से हुई, परिजनों नें स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि, इस विद्यालय में दूषित पानी की वजह से एक माह पूर्व पीलिया फैला हुआ था, इसके बावजूद भी प्रबंधन ने टंकी की सफाई के लिए कोई सख्त कदम नहीं उठाया जिसकी वजह से उनकी बेटी पीलिया संक्रमित हो गई.
कई छात्र आए संक्रमण में
इस 500 छात्रों वाले विद्यालय में एक माह पहले भी पीलिया फैलने की जानकारी सामने आई थी, जिसमें दर्जनों छात्र संक्रमित हुए थे, शुरुआती मामले में प्रशासन ने सफाई अभियान चलाया था साथ ही मेडिकल जांचें भी कराई गई थीं, लेकिन इसके बावजूद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं आया.
प्रशासन पर उठ रहे सवाल
जानकारी के अनुसार, विद्यालय परिसर में दूषित पानी के सेवन के चलते छात्र पीलिया से संक्रमित हुए थे, इसके संबंध में पहले भी मीडिया में खबरें प्रकाशित हुईं थीं जिसके बाद कुछ समय के लिए प्रशासन सक्रिय हुआ था, लेकिन हाल में हुए इस छात्रा की मौत में प्रशासनिक दावों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
परिजनों ने लगाए आरोप
मृत छात्रा के परिजनों का कहना है कि, पीलिया फैलने की शिकायतें 1 महीने पहले ही सामने आ गई थी, लेकिन उसके बावजूद भी न जल स्त्रोत बदले गए और न ही नियमित स्वास्थ जांच की कोई व्यवस्था की गई, मृत छात्रा की छोटी बहन भी पीलिया से ही संक्रमित थी, लेकिन उसकी स्थिति अब पहले से बेहतर है.
शिक्षा अधिकारी ने दिए जांच के निर्देश
शिक्षा अधिकारी को जानकारी मिलने पर, प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने बताया कि, बच्ची 27 सितंबर से विद्यालय नहीं जा रही थी और यह घटना 10 अक्टूबर को घटी है, उन्होंने बताया कि जांच के लिए टीम बनाई गई है जो कार्रवाई करेगी.
घटना से भय में आया पूरा विद्यालय
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि, अगर समय से सख्त कदम उठाए जाते तो इस घटना को टाला जा सकता था, जानकारी के अनुसार इस घटना के चलते विद्यालय परिसर में मातम और भय का माहौल सभी के चेहरे पर देखा जा रहा है.




