CG News :अंबेडकर अस्पताल में मरीज परेशान, इलाज में हो रही देरी
CG News : छत्तीसगढ़ राजधानी के सबसे बड़े सरकारी अंबेडकर अस्पताल में एक्सरे जांच के लिए लोगों को घंटों परेशान होना पड़ता है, जानकारी के अनुसार रेडियोलॉजी विभाग की भी ज्यादातर मशीनें बंद पड़ी हैं,
जांच में हो रही देरी
जिसकी वजह से आए दिन मरीजों की जांच में देरी हो रही है , दूर से आए हुए मरीज इलाज के लिए लाइन में खड़े होकर अपने इलाज की प्रतीक्षा करते हैं लेकिन मशीनों की खराबी के चलते उन्हें हर बार निराश होकर वापस लौटना पड़ता है.
5 मशीनों में सिर्फ 1 में चल रहा काम
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, प्रतिदिन करीब 200 से 300 मरीज एक्सरे कराने आते हैं, लेकिन यहां कुल 5 मशीनें हैं जो सभी पुरानी ओर एक्सपायरी हो चुकी हैं, मशीनों को बार – बार रिपेयर करके चलाया जा रहा है जानकारी के अनुसार, 4 मशीनें पूर्णतः बंद हैं और केवल एकमात्र मशीन से ही काम चल रहा है.
अक्सर होती हैं मशीनें खराब
जानकारी के मुताबिक, मशीनें अक्सर ख़राब होती रहतीं हैं जिसकी वजह से इलेक्ट्रिशियन बुलवाना पड़ता है और फाल्ट में की काफी वक़्त लग जाता है जिसकी वजह से ओपीडी का समय खत्म हो जाता है, और नतीजा यह निकलकर आता है की मरीजों को फिर अगले दिन आना पड़ता है.
जानकारी में टीम ने की जांच
शनिवार के दिन टीम जब एक्सरे यूनिट पहुंची, तो रूम नंबर 5 के बाहर लोगों की लाइन लगी हुई थी और बांकी के कमरे बंद थे, कुछ मरीज व्हीलचेयर पर तो कुछ बेंच पर बैठकर अपनी बारी का इन्तेजार कर रहे थे, देखते ही देखते भीड़ बढ़ने पर वहन बहस की भी नौमत आ गयी.
जानिए क्या बताया युवक ने
गुढ़ियारी से आए विकाश ने बताया की , वह पिता के पैर दर्द की शिकायत को लेकर अस्पताल आया हुआ था, दिखवाने पर डॉक्टर नें एक्सरे की सलाह दी लेकिन सुबह 10:00 बजे से लाइन में खड़े होने के वावजूद भी जांच नही हो सकी, युवक ने कहा की ऐसी स्थिति में मरीजों की दिक्कतें और बढ़ जाती हैं.
आए दिन होता है विवाद
एक्सरे यूनिट के बाहर आए दिन ऐसी नोंकझोंक देखी जाती है, बीते दिन एक युवती का विवाद हो गया, युवती का आरोप था की टेकनीशियन ने लम्बे समय से उसकी पर्ची नहीं खोली, जबकि टेकनीशियन का कहना था कि वह खुद को पत्रकार बताकर पहले जांच करवाने की फ़िराक में थी.
एडवांस मशीन भी नहीं हुई चालू
एक्सरे यूनिट में एक एडवांस मशीन भी रखी गई है, वह भी अब तक चालू नहीं हो पाई है, लगभग 3 साल पहले इस मशीन को इंस्टाल किया गया था, लेकिन अब तक उसकी भी शुरुआत नहीं हो पाई है, जिसकी वजह से मरीजों को भी इसका फायदा नहीं हो पा रहा है, पुरानी ही मशीनों से काम चलाया जा रहा है.




