CG News: छत्तीसगढ़ में 60 हजार शिक्षक-कर्मचारियों के तबादलों पर लगी रोक, जनगणना 2027 के लिए 72 हजार कर्मचारियों की होगी तैनाती
CG News: छत्तीसगढ़ में शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों के स्थानांतरण को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. जनगणना 2027 की तैयारियों को देखते हुए प्रदेश के करीब 60 हजार शिक्षक और कर्मचारियों के तबादलों पर आगामी आदेश तक रोक लगा दी गई है. इस दायरे में शिक्षक, हेडमास्टर, प्राचार्य और अन्य सरकारी कर्मचारी शामिल हैं. संबंधित विभागों को भी कर्मचारियों की सूची भेज दी गई है, ताकि जनगणना की जिम्मेदारी संभालने वाले कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके.
![]()
जनगणना 2027 के लिए लिया गया फैसला
दरअसल, अगले साल फरवरी से जनगणना 2027 का दूसरा चरण शुरू होने की तैयारी है. इस दौरान बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारियों को घर-घर जाकर परिवारों और उनके सदस्यों से जुड़ी जानकारी जुटाने की जिम्मेदारी दी जाएगी. इस बार जनगणना के साथ जाति गणना भी की जानी है, जिससे सर्वे का दायरा बढ़ जाएगा. सरकार का मानना है कि इस महत्वपूर्ण कार्य के बीच कर्मचारियों के तबादले होने से प्रशिक्षण और सर्वे की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है.
दूसरे चरण में करीब 72 हजार कर्मचारियों की होगी तैनाती
जनगणना निदेशालय ने राज्य शासन को दूसरे चरण के लिए करीब 72 हजार अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए हैं. इनमें बड़ी संख्या में शिक्षक और शिक्षा विभाग के कर्मचारी शामिल होंगे. अनुमान है कि इस चरण में करीब 7 हजार अतिरिक्त शिक्षकों की आवश्यकता पड़ सकती है.
इससे पहले मकानों की सूची तैयार करने के लिए पहले चरण में करीब 60 हजार प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी. इनमें 53 हजार से अधिक शिक्षक शामिल थे. अब दूसरे चरण में इससे भी अधिक कर्मचारियों की जरूरत होने की संभावना है. ऐसे में फरवरी के दौरान हजारों शिक्षक नियमित स्कूल कार्य के बजाय जनगणना सर्वे में जुटे रहेंगे.

शिक्षक, प्राचार्य और हेडमास्टर संभालेंगे जिम्मेदारी
पिछले चरण में प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों को मुख्य रूप से प्रगणक बनाया गया था. वहीं, स्कूलों के प्राचार्य, हेडमास्टर और प्रशासनिक अधिकारियों को पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. इस बार भी प्रशिक्षित सरकारी कर्मचारियों के माध्यम से घर-घर सर्वे कराया जाएगा. इसके लिए अलग-अलग स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं.
जनगणना के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू
जनगणना का काम व्यवस्थित तरीके से पूरा कराने के लिए प्रशिक्षण प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. 12 अक्टूबर से जिला, अनुविभाग और तहसील स्तर पर जिला जनगणना अधिकारियों तथा चार्ज अधिकारियों का प्रशिक्षण चल रहा है. इसके बाद नवंबर में मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया जाएगा.
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 1 दिसंबर से फील्ड ट्रेनर्स और 16 दिसंबर से प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण शुरू होगा. प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को घर-घर सर्वे करने, निर्धारित बिंदुओं पर जानकारी दर्ज करने और अपनी जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से बताया जाएगा.
छह महीने या जनगणना पूरी होने तक नहीं होंगे तबादले
राज्य शासन के निर्देश के मुताबिक, जिला एवं चार्ज अधिकारी, मास्टर ट्रेनर्स, फील्ड ट्रेनर्स, प्रगणक और पर्यवेक्षकों का स्थानांतरण छह महीने या जनगणना का काम पूरा होने तक, दोनों में से जो भी पहले हो, नहीं किया जाएगा. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जनगणना से जुड़े कर्मचारी पूरी प्रक्रिया के दौरान अपने निर्धारित कार्यक्षेत्र में उपलब्ध रहें.
तबादलों पर रोक क्यों जरूरी?
जनगणना देश का एक बड़ा प्रशासनिक अभियान है, जिसमें हजारों अधिकारियों और कर्मचारियों की भागीदारी होती है. इसके लिए पहले प्रशिक्षण, फिर घर-घर सर्वे और अंत में आंकड़ों को दर्ज करने का काम किया जाता है. यदि इस दौरान कर्मचारियों के तबादले होते हैं तो उनकी जिम्मेदारियों, प्रशिक्षण और कार्यक्षेत्र में बदलाव करना पड़ सकता है. इससे पूरी प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका रहती है.
इसी को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने जनगणना से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया है. इस निर्णय के बाद जनगणना की जिम्मेदारी संभालने वाले हजारों शिक्षक और कर्मचारी फिलहाल तबादलों से बाहर रहेंगे.

One Response