सेवा के 25 वर्ष: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष, कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल ने लिखा विशेष आलेख
सेवा के 25 वर्ष: भारतीय संस्कृति में सेवा केवल कर्तव्य नहीं, बल्कि जीवन का सर्वोच्च संस्कार है. सेवा की यही भावना व्यक्ति को स्वयं से ऊपर उठकर समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए समर्पित होने की प्रेरणा देती है. प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष इसी सेवा, समर्पण, सुशासन और राष्ट्र निर्माण की प्रेरक यात्रा के प्रतीक हैं. 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जनसेवा का दायित्व संभालने वाले प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन के इन 25 वर्षों में जनकल्याण और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है. गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक की उनकी यात्रा विकास, दृढ़ संकल्प और जनविश्वास की मिसाल रही है. उन्होंने शासन को केवल प्रशासनिक व्यवस्था नहीं, बल्कि गरीबों, किसानों, महिलाओं, युवाओं और समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का माध्यम बनाया है.

बुनियादी सुविधाओं का अभूतपूर्व विस्तार
प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में बीते वर्षों में देश ने जनकल्याण और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं. प्रधानमंत्री आवास योजना से करोड़ों परिवारों को पक्के घर का सहारा मिला है, तो उज्ज्वला योजना ने महिलाओं को धुएं से राहत दिलाई है. आयुष्मान भारत ने जरूरतमंद परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की है और स्वच्छ भारत मिशन ने स्वच्छता के साथ महिलाओं के सम्मान एवं गरिमा को मजबूत किया है. इसके अलावा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना से नागरिकों को खाद्य सुरक्षा का लाभ मिल रहा है.

आर्थिक सशक्तिकरण और अवसरों का निर्माण
जनधन योजना, डिजिटल इंडिया और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण ने सरकारी योजनाओं की पहुंच को अधिक सरल और पारदर्शी बनाया है. किसान सम्मान निधि, मुद्रा योजना, स्टार्टअप इंडिया और कौशल विकास जैसी पहलों ने किसानों, युवाओं और उद्यमियों को नए अवसर प्रदान किए हैं. इन सभी प्रयासों का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष यह रहा है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने को प्राथमिकता दी गई है, जिससे हर वर्ग को आर्थिक व सामाजिक संबल मिला है.
सांस्कृतिक धरोहर का पुनरुद्धार
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विकास के साथ भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण को भी नई दिशा दी है. अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम का विकास और देश के प्रमुख तीर्थस्थलों पर सुविधाओं का विस्तार भारतीय संस्कृति के गौरव को नई पहचान दे रहा है. धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के विस्तार से स्थानीय रोजगार, हस्तशिल्प और आजीविका के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं. छत्तीसगढ़ भी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री श्री मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में निरंतर अग्रसर है, जहां जनजातीय संस्कृति और स्थानीय शिल्पकारों को निरंतर प्रोत्साहन दिया जा रहा है.

छत्तीसगढ़ में ‘सेवा संकल्प अभियान’
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर छत्तीसगढ़ में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ ने जनसेवा और जनभागीदारी को नई ऊर्जा प्रदान की है. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित इस अभियान के अंतर्गत 12 प्रमुख पहलों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ा गया. ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘मेरे सपनों का भारत-चित्र सेवा’, ‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’, ‘आंगन मिलन सेवा’, ‘सेवा की कहानी’, ‘सेवा संकल्प यात्रा’, ‘सेवा सेतु अभियान’, ‘सुशासन सेवा संवाद’ और ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ जैसी गतिविधियों ने कला, संस्कृति, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और नवाचार को बढ़ावा देते हुए यह संदेश दिया कि राष्ट्र निर्माण प्रत्येक नागरिक का साझा दायित्व है.
विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत
17 अक्टूबर 2026 को सेवा संकल्प अभियान का औपचारिक समापन हो रहा है. बीते एक महीने में इस अभियान ने सेवा, स्वच्छता, सामाजिक जागरूकता और जनभागीदारी की भावना को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने का काम किया है. इस अभियान की वास्तविक सार्थकता तभी होगी, जब सेवा का यह संकल्प हमारे दैनिक जीवन और सामाजिक व्यवहार का स्थायी हिस्सा बने. प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों की सेवा-यात्रा हमें प्रेरित करती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और जनभागीदारी से बड़े परिवर्तन संभव हैं. सेवा को संस्कार, जनभागीदारी को शक्ति और राष्ट्र निर्माण को अपना साझा संकल्प बनाकर ही हम विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के सपने को साकार कर सकेंगे.


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