Bastar News: ‘नियद नेल्ला-नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने 2.0’ की समीक्षा, बस्तर अंचल के गांवों तक पहुंचेंगी 45 सरकारी योजनाएं
Bastar News: छत्तीसगढ़ के पूर्व माओवाद प्रभावित और दूरस्थ वनांचल के गांवों में विकास की बयार लाने के लिए राज्य सरकार ने कमर कस ली है, अब इन संवेदनशील क्षेत्रों के निवासियों तक 31 व्यक्तिगत हितग्राही योजनाओं और 14 सामुदायिक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए मिशन मोड में तेजी से कार्य किया जाएगा, मुख्य सचिव विकासशील ने शुक्रवार को मंत्रालय महानदी भवन में ‘नियद नेल्ला-नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने 2.0’ अभियानों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली, बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि सभी पात्र हितग्राहियों तक सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ निर्धारित समय-सीमा के भीतर हर हाल में पहुंचाया जाना सुनिश्चित किया जाए.

10 जिलों के दूरस्थ गांव योजना में शामिल
यह महत्वाकांक्षी योजना राज्य के कुल 10 जिलों में प्रभावी रूप से लागू की जा रही है, जिनमें बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, कांकेर, नारायणपुर, बस्तर, कोंडागांव, गरियाबंद, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई शामिल हैं, व्यक्तिगत योजनाओं के तहत मनरेगा जॉब कार्ड, प्रधानमंत्री आवास, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत, महतारी वंदन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, वनाधिकार पट्टा, विभिन्न सामाजिक पेंशन और उज्ज्वला योजना जैसी प्रमुख सुविधाएं ग्रामीणों को उपलब्ध कराई जाएंगी, वहीं सामुदायिक योजनाओं के अंतर्गत अंदरूनी क्षेत्रों में पक्की सड़कें, बिजली, पेयजल, स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, मोबाइल टावर और बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.

आदिवासी बसाहटों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति
इसी कड़ी में राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन की अपेक्स कमेटी की बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने जल जीवन मिशन के तहत तैयार किए गए इंफ्रास्ट्रक्चर के सुचारू संचालन, रखरखाव और पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच पर विशेष जोर दिया, उन्होंने संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि बस्तर के सभी आदिवासी बसाहटों और अंदरूनी टोलों में शुद्ध पेयजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और जलापूर्ति नेटवर्क की लगातार निगरानी की जाए, अंतर-विभागीय समन्वय के जरिए सरकार की कोशिश है कि अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं की पहुंच सुलभ हो सके.

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