CG News: छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी, साय सरकार ने रखा 160 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य
CG News: छत्तीसगढ़ के लाखों किसानों के लिए राज्य सरकार की ओर से एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी खबर सामने आई है, प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत आगामी 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की शुरुआत होने जा रही है, यह सरकारी खरीदी प्रक्रिया 31 जनवरी 2027 तक निरंतर जारी रहेगी, राज्य सरकार ने इस बार प्रदेश भर के किसानों से कुल 160 लाख मीट्रिक टन धान उपार्जन का एक बड़ा और महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है, इस वृहद अभियान को लेकर खाद्य एवं सहकारिता विभाग द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां और उपार्जन केंद्रों की व्यवस्थाएं तेजी से पूरी की जा रही हैं.

छोटे और सीमांत किसानों को दी जाएगी प्राथमिकता
राज्य सरकार द्वारा तैयार की गई नई धान खरीदी नीति में प्रदेश के छोटे और सीमांत किसानों के हितों का विशेष ध्यान रखा गया है, नीति के तहत कुल खरीदी में से लघु और सीमांत किसानों से अधिक मात्रा में धान लेने के प्रावधानों को प्राथमिकता दी गई है, ताकि छोटे किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी भी तरह की परेशानी या बिचौलियों का सामना न करना पड़े, इसके अलावा प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान खरीदी की व्यवस्था को यथावत रखते हुए पारदर्शी टोकन प्रणाली लागू की जा रही है, जिससे हर एक पात्र किसान को समय पर अपनी बारी का अवसर मिल सके.
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एग्रीस्टैक पंजीयन और आधुनिक व्यवस्थाएं अनिवार्य
धान खरीदी प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी और बिचौलिया-मुक्त बनाने के लिए इस बार कई कड़े और आधुनिक तकनीकी प्रावधान लागू किए गए हैं, किसानों के लिए एग्रीस्टैक पंजीयन अनिवार्य किया गया है, जिससे वास्तविक रकबे और गिरदावरी के आंकड़ों का सटीक मिलान किया जा सके, उपार्जन केंद्रों पर किसानों को धान बेचने के लिए अग्रिम टोकन जारी किए जाएंगे, साथ ही फर्जीवाड़े को रोकने के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन और ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग किया जाएगा, ताकि वास्तविक किसानों की उपज की ही खरीदी सुनिश्चित की जा सके.

किसानों के बैंक खातों में सीधे और त्वरित भुगतान का इंतजाम
राज्य सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि धान बेचने वाले किसानों को उनकी उपज का भुगतान बिना किसी देरी के सीधे उनके आधार-लिंक्ड बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाए, उपार्जन केंद्रों पर किसानों की सुविधा के लिए छांव, शुद्ध पेयजल, वजन-तौल की पारदर्शी मशीनें और बारदाने की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, 15 नवंबर से शुरू होने जा रही इस धान खरीदी को लेकर प्रदेश के ग्रामीण अंचलों और किसान वर्ग में खासा उत्साह देखा जा रहा है, और सरकार का दावा है कि इस पूरे सीजन में किसानों को किसी भी तरह की असुविधा नहीं होने दी जाएगी.

